फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कामयाब जिंदगी का एक बड़ा सच छुपा है पक्षियों की उड़ान में

Fri, 11 Sep 2015 11:03 AM IST
मुनि विजय सागर
विज्ञापन
विज्ञापन
एक नन्हा परिंदा अपने परिजनों से बिछड़कर बहुत दूर निकल गया। वह काफी थक गया था, उड़ान भरने की कोशिश करता और बार-बार कुछ ऊपर उठकर वह गिर जाता। एक अनजान परिंदा अपने मित्र के साथ यह दृश्य गौर से देख रहा था। दोनों उस नन्हे परिंदे के पास पहुंचे।
विज्ञापन


पढ़ें,शास्त्रों के अनुसार यह 7 काम सिर्फ पुरुष कर सकते हैं महिलाएं नहीं

जब नन्हे परिंदे ने अपनी मुसीबत बताई, तो अनजान परिंदे ने उसका मजाक उड़ाते हुए कहा, जब उड़ान भरना सीखा नहीं, तो इतनी दूर निकलने की क्या जरूरत थी? उन दोनों की बातें सुनकर नन्हे परिंदे को काफी खीझ हुई है। उसे गुस्से में देखकर अनजान परिंदे ने हंसते हुए कहा, देखो हम तो उड़ान भरना जानते हैं और अपनी मर्जी से कहीं भी जा सकते हैं। इतना कहकर उन दोनों ने नन्हे परिंदे के सामने कई बार उड़ान भरी। आखिरी बार दोनों उड़ान भरकर जब वापस लौटे, तो नन्हा परिंदा वहां नहीं था।

पढ़ें,इन अनोखे सांपों का रहस्य आपको चौंका न दे तो कहिएगा

अनजान परिंदे ने खुश होकर अपने मित्र से कहा, लगता है, नन्हे परिंदे ने उड़ान भर ली! दूसरे ने कहा, हां, लेकिन तुम इतना खुश क्यों हो रहे हो? तुमने तो उसका कितना मजाक बनाया। अनजान परिंदे ने कहा, मित्र तुमने सिर्फ मेरी नकारात्मकता पर ध्यान दिया, मगर वह मेरी सकारात्मकता पर ज्यादा ध्यान दे रहा था। उसने मजाक को अनदेखा करते हुए मेरी उड़ान भरने वाली चाल पर ध्यान दिया।
विज्ञापन


पहले परिंदे ने कहा, जब उसे उड़ान भरना सिखाना ही था, तो उसका मजाक क्यों बनाया? पहले वाले ने जवाब दिया, वह अपने जीवन की पहली बड़ी उड़ान भर रहा था और मैं उसके लिए अजनबी था। अगर मैं उसे उड़ना सिखाता, तो वह पूरी जिंदगी मेरे एहसान तले दबा रहता, और आगे भी शायद ज्यादा कोशिश खुद से नहीं करता। अब वह पूरी जिंदगी खुद से कोशिश करेगा और दूसरों से कम मदद मांगेगा।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें