यह घटना राजस्थान की है। यहां पर दो मुसलमान भाई रहते थे जो गाड़ी से माल ढोने का काम किया करते थे। एक दिन इनके पास काफी काम था और संयोग ऐसा बना कि पूरे दिन भोजन पानी का मौका ही नहीं मिला।
थक कर दोनों भाई एक बाग में पहुंचे वहां पहले से तीन लोग मौजूद थे जो भोजन बनाकर खा रहे थे। थकान के कारण दोनों भाइयों को नींद आ गई और वह सो गए।
दोनों भाईयों ने देखा कि उनकी मृत्यु हो गई है और यमदूत उन्हें लेकर यमपुरी पहुंच गए हैं। इन्होंने अपने सामने एक सिंहासन पर राजपुरुष को देखा जो यमराज थे।