फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mahakumbh 2025: नहीं जा पा रहे हैं महाकुंभ, घर पर ही करें ये उपाय मिल जाएगा संगम स्नान का फल

Tue, 28 Jan 2025 12:50 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

महाकुंभ के दौरान स्नान का आध्यात्मिक लाभ तभी पूर्ण होता है जब व्यक्ति भगवान का ध्यान करता है। इसलिए घर पर रहकर भगवदगीता, रामायण या गंगा स्तोत्र का पाठ करें।
विज्ञापन
Mahakumbh 2025: संगम स्नान के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का रेला। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Mahakumbh 2025: महाकुंभ जिसे धर्म और आस्था का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है यहां स्नान करना, मोक्ष प्राप्ति और पापों के नाश का प्रतीक है। लेकिन यदि किसी कारणवश आप महाकुंभ में स्नान करने नहीं जा पा रहे हैं, तो धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुछ उपाय करके घर पर ही संगम में स्नान का पूरा फल प्राप्त कर सकते हैं।
विज्ञापन


1. संगम के जल का घर पर ही प्रयोग करें
महाकुंभ स्नान का मुख्य महत्व संगम (गंगा, यमुना, सरस्वती) जल में डुबकी लगाना है। यदि आप कुंभ स्नान करने नहीं जा सकते, तो जो व्यक्ति कुंभ स्नान करने गया हो उससे संगम का जल मंगवा लें और स्नान करते समय अपनी बाल्टी के पानी में कुछ बूंदें इस पवित्र जल की मिला लें या इस जल से शरीर पर छींटे लगा लें। इसे गंगा स्नान के समान ही फलदायी माना जाता है। स्नान के बाद भगवान का ध्यान करें और प्रार्थना करें कि आपको कुंभ स्नान का पुण्य प्राप्त हो।

2. भगवान का ध्यान और पाठ करें
महाकुंभ के दौरान स्नान का आध्यात्मिक लाभ तभी पूर्ण होता है जब व्यक्ति भगवान का ध्यान करता है। इसलिए घर पर रहकर भगवदगीता, रामायण या गंगा स्तोत्र का पाठ करें। इसके अलावा, "ॐ नमः शिवाय" और "ॐ गंगे च यमुने चैव" जैसे मंत्रों का जाप करें। ये मंत्र आपके मन को शुद्ध करेंगे और कुम्भ स्नान के समान पुण्य प्रदान करेंगे।
विज्ञापन


3. दान-पुण्य करें
कुंभ में स्नान के बाद दान-पुण्य का महत्व बताया गया है। यदि आप घर पर हैं, तो गरीबों को भोजन, वस्त्र, और आवश्यकता की चीजें दान करें। खासकर अन्न, तिल, गुड़, और गाय को चारा खिलाने से महाकुंभ स्नान के समान फल मिलता है।

Mauni Amavasya 2025: मौनी अमावस्या पर जरूर लगाएं 5 डुबकी, जानें प्रत्येक डुबकी का महत्व और विधि

4. व्रत और उपवास रखें
महाकुंभ में उपवास और तप का भी विशेष महत्व है। घर पर रहकर एक दिन का उपवास रखें और केवल फलाहार ग्रहण करें। उपवास के साथ ईश्वर का ध्यान करें और प्रार्थना करें कि आपको कुंभ स्नान के बराबर पुण्य प्राप्त हो।

5. दीप जलाकर गंगा मैया की आरती करें
घर पर गंगा मैया की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीप जलाएं और उनकी आरती करें। आरती के साथ "गंगा च यमुने चैव" का पाठ करें। इससे घर का वातावरण शुद्ध होगा और आपको कुंभ स्नान का पुण्य मिलेगा।

6. सूर्य अर्घ्य दें
महाकुंभ के दौरान सूर्य को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है। घर पर सुबह स्नान करने के बाद जल में गंगाजल मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें। इस दौरान "ॐ सूर्याय नमः" मंत्र का जाप करें।

7. मन के विकारों को दूर करें  
महाकुंभ का मुख्य उद्देश्य आत्मा की शुद्धि है एवं मन के विकारों को दूर करना है।इस पवित्र स्नान का उद्देश्य तन को धोना ही नहीं है अपितु मन को पावन करना है। इसलिए जीवन में कोई भी गलत कार्य नहीं करने का संकल्प लें। तामसिक भोजन, बुरी आदतें, और नकारात्मकता से हमेशा दूर रहें।
विज्ञापन



 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें