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Christmas 2025: क्यों मनाया जाता है क्रिसमस और इस दिन क्यों सजाते हैं क्रिसमस ट्री ?

Fri, 20 Dec 2024 07:34 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Christmas 2025: क्रिसमस ट्री सजाने की परंपरा का इतिहास 16वीं शताब्दी से जुड़ा है। यह परंपरा जर्मनी में शुरू हुई, जहां लोग सर्दियों में अपने घरों में सदाबहार पेड़ लाकर सजाते थे।
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क्रिसमस पर क्रिसमस ट्री सजाने की परंपरा इसे और भी खास बनाती है। - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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Christmas 2025: क्रिसमस हर साल 25 दिसंबर को मनाया जाता है। ईसाई धर्म का सबसे पवित्र और प्रिय त्योहार है। इसे प्रभु यीशु मसीह के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। यह दिन न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि शांति, प्रेम और एकता का प्रतीक भी है। क्रिसमस पर क्रिसमस ट्री सजाने की परंपरा इसे और भी खास बनाती है। यह परंपरा जीवन में आशा और आनंद का संदेश देती है।
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क्रिसमस का महत्व
यीशु मसीह का जन्म मानवता को पापों से मुक्ति दिलाने, प्रेम, दया और सहनशीलता का संदेश देने के लिए हुआ था। माना जाता है कि उनका जन्म एक गुफा में हुआ था, जहां गड़रियों ने उनके जन्म की सूचना सभी को दी थी। ईसाई मान्यताओं के अनुसार, यीशु मसीह ईश्वर के पुत्र हैं और उनका जीवन मानवता के कल्याण के लिए समर्पित था। क्रिसमस का उद्देश्य उनकी शिक्षाओं को याद करना और उन्हें अपने जीवन में उतारना है।

क्रिसमस ट्री सजाने की परंपरा
क्रिसमस ट्री सजाने की परंपरा का इतिहास 16वीं शताब्दी से जुड़ा है। यह परंपरा जर्मनी में शुरू हुई, जहां लोग सर्दियों में अपने घरों में सदाबहार पेड़ लाकर सजाते थे। यह पेड़ सर्दियों में भी हरा-भरा रहता है, जो जीवन, आशा और ईश्वर के अनंत प्रेम का प्रतीक है। सर्दियों के दौरान यह परंपरा पूरे विश्व में लोकप्रिय हो गई।
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क्रिसमस ट्री के प्रतीकात्मक महत्व
तारे और रोशनी: क्रिसमस पर लगने वाले सितारे प्रकाश के प्रतीक माने जाते हैं जो कि आपके जीवन से अंधेरे को दूर करते हैं एवं  जीवन में उत्साह और उमंग का संचार करते हैं। ट्री पर लगाई जाने वाली रोशनी ईश्वर के प्रकाश का प्रतीक है, जो हर कठिनाई में मार्गदर्शन करता है।

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सजावट: क्रिसमस ट्री को रंगीन गेंदों, रिबन और घंटियों से सजाया जाता है। ये सजावट खुशियों और उत्सव का प्रतीक हैं।

तोहफे: ट्री के नीचे रखे जाने वाले उपहार प्रेम, उदारता और आपसी स्नेह का प्रतीक हैं। यह परंपरा बच्चों और परिवार के सदस्यों के बीच विशेष खुशी लेकर आती है।

धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
क्रिसमस ट्री सजाने का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व गहरा है। यह न केवल यीशु मसीह के जन्म का स्मरण कराता है, बल्कि एकजुटता और उत्सव का माध्यम भी है। परिवार और मित्र इस परंपरा को मिलकर निभाते हैं, जो रिश्तों में निकटता और प्रेम बढ़ाता है। इसके अलावा, यह परंपरा जीवन में सकारात्मकता बनाए रखने का संदेश देती है।

क्रिसमस का संदेश
क्रिसमस केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह जीवन में अच्छाई, प्रेम और करुणा को अपनाने का प्रेरणा स्रोत है। यह दिन हमें यह सिखाता है कि चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों, हमें अपने भीतर प्रेम और दया के गुण बनाए रखने चाहिए। क्रिसमस ट्री और इसकी सजावट जीवन में आशा, शांति और आनंद का प्रतीक बनते हैं।
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