Vat Savitri Vrat 2024: जब-जब पति की लंबी आयु के लिए पूजा करने की बात आती है, तब-तब वट सावित्री व्रत का नाम लिया जाता है। यह उपवास सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। हर साल ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को वट सावित्री का व्रत रखने का विधान है। मान्यता है कि इस दिन विधिनुसार पूजा अर्चना करने से पति की लंबी आयु का आशीर्वाद मिलता है। इस दौरान पूजा के सभी कार्यों को शुभ मुहूर्त के अनुसार किया जाता है।
वट सावित्री पर वट वृक्ष की पूजा करना शुभ होता है, बिना इसके उपवास अधूर माना जाता है। इस दौरान वृक्ष के नीचे सावित्री और सत्यवान की प्रतिमा स्थापित जरूर करें। उनकी पूजा करने से सुहागिनों को अखंड सौभाग्यवती भव का आशीर्वाद मिलता है। पुराणों के अनुसार, वट वृक्ष के मूल में ब्रह्मा, मध्य में विष्णु व अग्रभाग में शिव का वास माना गया है। इसलिए व्रत रखने वाली महिलाओं को इन सभी देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दौरान भूलकर भी कुछ कार्यों को करने से बचना चाहिए, अन्यथा अशुभ परिणाम मिल सकते हैं और वैवाहिक जीवन में समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसी कड़ी में आइए इस दिन क्या करें और क्या न करें, यह जान लेते हैं।