Sita Navami 2019
शाश्वत शक्ति का आधार हैं मां जानकी
गोस्वामी तुलसीदासजी ने सीताजी की वंदना करते हुए उन्हें उत्पत्ति, पालन और संहार करने वाली, क्लेशों को हरने वाली एवं समस्त जगत का कल्याण करने वाली राम वल्लभा कहा है। अनेकों ग्रंथ उन्हें जगतमाता, एकमात्र सत्य, योगमाया का साक्षात् स्वरुप व समस्त शक्तियों की स्त्रोत तथा मुक्तिदायनी कहकर उनकी आराधना करते हैं। सीताजी क्रिया-शक्ति, इच्छा-शक्ति और ज्ञान-शक्ति, तीनों रूपों में प्रकट होती हैं। माँ सीता भूमि रूप हैं, भूमि से उत्पन्न होने के कारण उन्हें भूमात्मजा भी कहा जाता है।