Shardiya Navratri 3rd Day Aarti Lyrics
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Shardiya Navratri 3rd Day Aarti: हिंदुओं में नवरात्रि का बड़ा धार्मिक महत्व है। यह त्यौहार पूरे देश में हिंदू भक्तों द्वारा व्यापक रूप से मनाया जाता है। नवरात्रि 15 अक्तूबर से शुरू हो चुकी है। नवरात्रि का तीसरा दिन देवी चंद्रघंटा को समर्पित है, जो 17 अक्तूबर 2023 को मनाया जा रहा है। देवी चंद्रघंटा मां पार्वती का विवाहित रूप हैं। भगवान शिव से विवाह करने के बाद देवी ने अपने माथे पर आधा चंद्रमा सजाना शुरू कर दिया। इसीलिए देवी पार्वती को मां चंद्रघंटा कहा जाता है। देवी चंद्रघंटा वह हैं, जो न्याय और अनुशासन की स्थापना करती हैं। उनके शरीर का रंग चमकीला सुनहरा है और वह शेर पर सवार हैं, जो धर्म का प्रतीक है। उनके दस हाथ, तीन आंखें हैं और वह हाथों में त्रिशूल, गदा, तलवार, बाण, धनुष, कमंडल, कमल का फूल और जप माला धारण करती हैं। उनके माथे पर घंटी या घंटे के आकार में एक 'चंद्र' स्थापित है। उनका पांचवां बायां हाथ वरद मुद्रा के रूप में है और पांचवां दाहिना हाथ अभय मुद्रा के रूप में है। धर्म शास्त्रों के अनुसार, नवरात्रि के तीसरे दिन जो भी भक्त माता रानी के तीसरे रूप यानी मां चंद्रघंटा की विधि-विधान से पूजा आराधना करता है, उसे माता की कृपा प्राप्त होती है। पूजा के साथ मां चंद्रघंटा की आरती करने से जीवन में सुख समृद्धि आती है। यहां मां चंद्रघंटा की आरती दी जा रही है।
मां चंद्रघंटा की आरती
नवरात्रि के तीसरे दिन चंद्रघंटा का ध्यान।
मस्तक पर है अर्ध चंद्र, मंद मंद मुस्कान।।
दस हाथों में अस्त्र शस्त्र रखे खडग संग बांद।
घंटे के शब्द से हरती दुष्ट के प्राण।।
सिंह वाहिनी दुर्गा का चमके स्वर्ण शरीर।
करती विपदा शांति हरे भक्त की पीर।।
मधुर वाणी को बोल कर सबको देती ज्ञान।
भव सागर में फंसा हूं मैं, करो मेरा कल्याण।।
नवरात्रों की मां, कृपा कर दो मां।
जय मां चंद्रघंटा, जय मां चंद्रघंटा।।
मां चंद्रघंटा का आराधना मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु मां चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।