कालों के भी महाकाल शिव के विषय में यह लिखा गया है- "सभी देवताओं की आत्मा में रुद्र का वास है और रुद्र की आत्मा में सभी देवताओं का।" यही कारण है कि उन्हें रुद्र कहा गया। "रुतं दुःखं द्रावयति, नाशयतीति रुद्रः" यानी जो दुःखों को हर लेते हैं, वही रुद्र हैं। शिव पुराण में बताया गया है कि भगवान शिव को बेलपत्र अत्यंत प्रिय हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसे छह और पत्ते भी हैं जिन्हें शिवलिंग पर चढ़ाने से विशेष फल की प्राप्ति होती है? आइए जानते हैं इन पत्तों को और उनसे जुड़ी मनोकामनाओं के बारे में।
भांग के पत्ते- मन के विकारों से मुक्ति
बेलपत्र के बाद शिवजी को भांग के पत्ते अत्यंत प्रिय हैं। मान्यता है कि समुद्र मंथन के समय जब भगवान शिव ने हलाहल विष का पान किया था, तब उसकी ज्वाला को शांत करने के लिए देवताओं ने उन्हें भांग अर्पित की। शिवलिंग पर भांग चढ़ाने से मन के दोष, विकार और नकारात्मकता समाप्त होती है।
शमी के पत्ते - शनिदोष से राहत
शमी का पत्ता सामान्यतः शनिदेव को चढ़ाया जाता है, लेकिन यह भगवान शिव को भी अत्यंत प्रिय है। प्रतिदिन प्रातः शिवलिंग पर गंगाजल के बाद बेलपत्र और शमी पत्र अर्पित करें। ऐसा करने से शिवजी की कृपा के साथ-साथ शनिदेव का आशीर्वाद भी मिलता है, और जीवन में शनिदोष के प्रभाव से राहत मिलती है।
दूर्वा- अकाल मृत्यु से रक्षा
दूर्वा को शास्त्रों में अमृत तुल्य माना गया है। भगवान गणेश को तो यह अत्यंत प्रिय है, लेकिन शिवजी को भी दूर्वा विशेष प्रिय है। शिवलिंग पर दूर्वा अर्पित करने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है और दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
आम के पत्ते - दुर्भाग्य का नाश और धन लाभ
शिवलिंग पर आम के पत्ते चढ़ाने से दुर्भाग्य का प्रभाव समाप्त होता है। यह पत्ते लक्ष्मीप्रद माने गए हैं। धार्मिक मान्यता है कि आम के पत्तों से भगवान शिव को प्रसन्न कर धन और समृद्धि की प्राप्ति की जा सकती है।
धतूरे के पत्ते- नकारात्मक विचारों का अंत
धतूरा भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इसका फल और पत्ता दोनों औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। शिव पुराण के अनुसार शिवलिंग पर धतूरा चढ़ाने से मन की नकारात्मकता दूर होती है, विचारों में शुद्धता आती है और आत्मिक शांति की अनुभूति होती है।
पीपल के पत्ते - ग्रह दोषों से मुक्ति
शास्त्रों के अनुसार पीपल के वृक्ष में त्रिदेवों ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है। शिवलिंग पर पीपल के पत्ते अर्पित करने से जातक के जीवन से ग्रह दोष समाप्त होते हैं, और घर में सुख-शांति और समृद्धि का वातावरण बनता है।
आक के पत्ते - समस्त प्रकार के कष्टों का नाश
आक का फूल और पत्ता दोनों ही भगवान शिव को अत्यंत प्रिय हैं। धार्मिक मान्यता है कि जो भक्त आक के पत्ते और पुष्प भगवान शिव को अर्पित करते हैं, उनके दैहिक (शारीरिक), दैविक (ईश्वरीय) और भौतिक (भौतिक जीवन) से जुड़े सभी कष्टों का नाश हो जाता है।