फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sawan 2026: 30 जुलाई से सावन शुरू, उससे पहले जान लें शिवलिंग पूजा के नियम

Mon, 13 Jul 2026 01:28 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

30 जुलाई से सावन का पवित्र महीना शुरू हो रहा है। सावन में पूरे माह शिव आराधना और पूजा-पाठ का आयोजन होता है। सावन में शिवजी को क्या अर्पित करना चाहिए और क्या नहीं।

 
विज्ञापन
सावन में शिव पूजा महत्व और नियम - फोटो : अमर उजाला AI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Sawan 2026: इस वर्ष सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई से शुरू होने वाला है। सावन का महीना भगवान शिव को बहुत ही प्रिय होता है। हर वर्ष सावन के महीने का इंतजार शिवभक्तों को होता है। पूरे सावन महीने में हर एक दिन रोजाना भगवान शिव की पूजा-अर्चना और साधना चलती है। सावन के महीने में आने वाले हर सोमवार का खास महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव मात्र एक लोटा जल अर्पित करने से ही प्रसन्न हो जाते हैं। सावन के महीने में महादेव की प्रिय चीजों को अर्पित करने की परंपरा है और कुछ चीजें वर्जित होती हैं।
विज्ञापन


सावन में शिवजी को अर्पित करें ये चीजें
दूध से रुद्राभिषेक

भगवान शिव को दूध और गंगाजल से अभिषेक करना बहुत ही शुभ और फलदायी माना जाता है। सावन में दूध अर्पित करने से व्यक्ति को मान-सम्मान और वैभव की प्राप्ति होगी। 

बेलपत्र
भगवान शिव को बेलपत्र बहुत ही प्रिय होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने से महादेव जल्द प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति को हर एक मनोकामनाओं को पूरा करते हैं। बिना बेलपत्र के शिवजी की पूजा पूरी नहीं मानी जाता है। 
विज्ञापन


धूतरा 
भगवान शिव को धतूरा बहुत ही प्रिय होता है। भोलेनाथ की पूजा में धतूरा प्रयोग करने पर संतान सुख की प्राप्ति होती है। 

कनेर का फूल
कनेर का फूल भोलेनाथ को बहुत ही प्रिय होता है। कनेर का फूल चढ़ाने से भोलेनाथ जल्द से जल्द प्रसन्न होते हैं। इससे भोलेनाथ अपने भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। 

ये भी चीजें करें अर्पित 
सावन में भोलेनाथ को चंद्रन, इत्र, भांग, केसर, गंगाजल, शहद, अक्षत, शक्कर, दही, घी, गन्ने का रस आदि अर्पित करें। 

भोलेनाथ की पूजा ये चीजें वर्जित
हल्दी

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भोलेनाथ की पूजा में हल्दी का प्रयोग नहीं किया जाता है। हल्दी सौंदर्य प्रसाधन है और शिवलिंग पुरुषत्व का प्रतीक।

रोली
भगवान शिव की पूजा में उनको कभी भी कुमकुम और रोली नहीं लगानी चाहिए। इसकी जगह भगवान शिव को चंदन करें अर्पित।

शंख 
शिवजी की पूजा में शंख का प्रयोग वर्जित होता है। 

नारियल पानी
शिवजी की पूजा में कभी नारिलय पानी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। नारियल को लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। 

तुलसी 
शिवलिंग पर कभी भी तुलसी के पत्तों को अर्पित नहीं करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी भगवान विष्णु की पत्नी के रूप में पूजी जाती है। इसलिए शिवलिंग पर तुलसी अर्पित करना शुभ नहीं होता है। 

Numerology: सबसे अच्छी सलाह देते हैं इस मूलांक के लोग, हर समस्या का देते हैं सटीक समाधान
विज्ञापन

Most Attractive Mulank: इस मूलांक के लोग अक्सर होते हैं हर किसी के क्रश, शादी के बाद भी रहते हैं आकर्षक

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें