रुद्राक्ष शुद्धिकरण विधि
रुद्राक्ष पहनने से पहले उसका शुद्धीकरण करना बेहद जरूर होता है। शुद्धीकरण के लिए आप सबसे पहले एक कटोरी में 1 चम्मच दही लें, फिर उसमें शहद और गंगाजल मिला लें। इसके बाद तुलसी के पत्ते और घी भी लें। अब इस कटोरी में आप रुद्राक्ष को रख दें। इसे कुछ मिनट तक ऐसे ही रहने दें। माना जाता है कि ऐसा करने से रुद्राक्ष शुद्ध होता है। कुछ देर बाद रुद्राक्ष को मिश्रण से निकालकर उसे गंगाजल से धो लें। फिर महादेव के मंत्रों से रुद्राक्ष की पूजा करें। इसके बाद “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करते हुए रुद्राक्ष की प्राण प्रतिष्ठा करें। अंत में इसे सफेद या लाल धागे में पिरोकर धारण कर सकते हैं।
रुद्राक्ष पहनने के नियम
- रुद्राक्ष को हमेशा अपने पैसों से ही खरीदकर पहनना चाहिए। इसे कभी भी दूसरों से लेकर न पहनें।
- अगर आप रुद्राक्ष को सावन माह में पहनना चाहते हैं, तो आप सोमवार के दिन इसे धारण कर सकते हैं।
- रुद्राक्ष को हमेशा ज्योतिष की सलाह से और कुंडली की जांच के बाद ही पहनना चाहिए। इससे इसके प्रभाव का पता लगाया जा सकता है।
- सावन में रुद्राक्ष की विधिनुसार पूजा और कुछ मंत्रों के जाप के बाद ही इसे पहनना चाहिए।
- जब आप रुद्राक्ष पहने लेते हैं, तो कभी भी इसे गंदे हाथों से न छुएं।
- रुद्राक्ष धारण करने बाद मांस मदिरा का त्याग कर देना चाहिए।
रुद्राक्ष पहनने के फायदे
- रुद्राक्ष धारण करने से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
- कहते हैं कि रुद्राक्ष धारण करने से भाग्य भी आपका साथ देता है।
- इसे धारण करने से व्यक्ति की ऊर्जा और शक्ति में वृद्धि होती है।
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रुद्राक्ष धारण करने से शिव जी के साथ-साथ मां महालक्ष्मी की कृपा भी बनी रहती है।
- इसके अलावा जीवन में सभी प्रकार की सुख-सुविधाएं प्राप्त होती है।
- माना जाता है कि रुद्राक्ष धारण करने से ग्रहों के बुरे प्रभाव से बचा जा सकता है।
- रुद्राक्ष से मन ही नहीं बल्कि सेहत पर भी सकारात्मक असर होता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।