राम नाम लेखन से दूर होंगे कष्ट-
दुर्भाग्य को दूर करने के लिए नित्य प्रति राम का नाम लिखना चाहिए। मान्यता है कि इस कार्य से मिलने वाले पुण्य प्रताप से सौभाग्य का सृजन होने लगता है। शास्त्र कहते हैं कि राम नाम लिखने का चमत्कारिक लाभ भगवान श्री कृष्ण ने धर्मराज युधिष्ठिर को बताया था, ताकि वह अपना खोया हुआ राज्य पुनः प्राप्त कर सकें। श्री कृष्ण ने उन्हें बताया -'भगवान राम की उपासना करने वाला भक्त प्रतिदिन कम से कम 108 बार राम का नाम लिखें और उसकी पूजा करे। जब सवा लाख अथवा सवा करोड़ नाम लिखकर पूरे हो जाएं, तो 'इदं विष्णुः' सिद्ध एवं गुप्त मंत्र बोलते हुए घी, तिल व खीर से हवन कर श्री राम की पूजा करें, तो शीघ्र ही उसकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।
यदि लिखने में असमर्थ हों
जो भक्त इतने राम नाम लिखने में असमर्थ हैं, वे अपनी सामर्थ्य के अनुसार रामनवमी से प्रारंभ कर नित्यप्रति लाल स्याही से राम नाम लिखकर अपने जीवन को सुखमय बना सकते हैं। राम नाम लिखने में समय, स्थान की कोई पाबंदी नहीं होती है। मंगलवार से भी राम नाम लिखने की शुरुआत करने से बड़े ही शुभ व मंगलकारी परिणाम मिलते हैं। पद्म पुराण के अनुसार सभी वेदों और सभी मंत्रों को एक बार नहीं अनेकों बार पढ़ने से वही फल की प्राप्ति होती है, जो मात्र एक बार राम नाम के उच्चारण से होती है। राम को जपने वाले स्वयं राम का रूप हो जाते हैं, यह बात स्वयं श्री राम जी ने हनुमान से कही है।