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Raksha Bandhan 2024: राखी बांधते समय भूलकर भी न करें ये गलती, भाई को हो सकता है नुकसान

Mon, 19 Aug 2024 05:36 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

इस साल 19 अगस्त 2024 को रक्षाबंधन मनाया जा रहा है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, शोभन योग और श्रवण नक्षत्र का महासंयोग बन रहा है। ऐसे में शुभ फल पाने के लिए बहनों को अपने भाई की कलाई पर राखी बांधते समय कुछ नियमों का ध्यान रखना चाहिए ।
 
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राखी बांधने के नियम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Bhai Ke Kis Haath par Bandhein Rakhi: रक्षाबंधन हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। इस दिन को भाई-बहन के प्यार के दिन के रूप में जाना जाता है। इस खास दिन पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर प्यार से राखी बांधती हैं और भाई उन्हें उपहार देते हैं। ऐसे में शुभ फल पाने के लिए बहनों को अपने भाई की कलाई पर राखी बांधते समय कुछ नियमों का ध्यान रखना चाहिए ।
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रक्षाबंधन का महत्व 
सनातन धर्म की परंपरा के अनुसार, इस दिन देवी लक्ष्मी ने राक्षस राजा बलि को राखी बांधी थी और उसे अपना भाई बनाया था। रक्षाबंधन पर बांधी जाने वाली राखी सिर्फ एक धागा नहीं है, यह त्योहार भाई-बहन के अटूट रिश्ते का भी प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने भाई की आरती उतारती हैं और उन्हें तिलक करती हैं। फिर प्यार के प्रतीक और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना के रूप में भाई की कलाई पर राखी या रक्षा सूत्र बाँधा जाता है। भाई भी अपनी बहनों की रक्षा का वचन देते हैं।

 रक्षा बंधन 2024 शुभ मुहूर्त
इस साल 19 अगस्त 2024 को रक्षाबंधन मनाया जा रहा है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, शोभन योग और श्रवण नक्षत्र का महासंयोग बन रहा है। माना जाता है कि इस योग में राखी बांधने से रिश्तों में मधुरता बनी रहती है। भद्रा के कारण राखी बांधने का मुहूर्त दोपहर में नहीं है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल राखी बांधने का शुभ मुहूर्त दोपहर 01:30 से रात्रि 09:07 तक रहेगा। कुल मिलाकर शुभ मुहूर्त 07 घंटे 37 मिनट का रहेगा।
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राखी किस हाथ में बांधनी चाहिए?
रक्षाबंधन के दिन भाई के दाहिने हाथ पर राखी बांधना शुभ माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार दाहिना हाथ या सीधा हाथ इस जीवन के कार्यों को करने वाला हाथ माना जाता है। इसके अतिरिक्त, ऐसा माना जाता है कि भगवान दाहिने हाथ से किए गए दान और धार्मिक कार्यों को स्वीकार करते हैं। इसलिए कलावा आदि. धार्मिक कार्यों के बाद भी इसी हाथ पर बांधा जाता है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस लेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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