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Purnima Shraddha 2021 Date: भाद्रपद पूर्णिमा कब है? जानें तिथि, मुहूर्त, पूजन विधि और महत्व

Mon, 13 Sep 2021 06:42 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पूर्णिमा श्राद्ध के दिन दान-स्नान का भी बहुत महत्व माना गया है। इसी दिन से श्राद्ध पक्ष का आरंभ होता है। इस साल 20 सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध है।
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पूर्णिमा श्राद्ध 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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Purnima Shraddha 2021 Date: भाद्रपद पूर्णिमा को पूर्णिमा श्राद्ध के नाम से जाना जाता है। दरअसल इसी तिथि से पितृपक्ष आरंभ हो जाते हैं। इस साल पूर्णिमा श्राद्ध 20 सितंबर को है। वहीं पूर्णिमा के बाद एकादशी, द्वितीया, तृतीया, चतुर्थी, पंचमी, षष्टी, सप्तमी, अष्टमी, नवमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, चतुर्दशी और अमावस्या श्राद्ध आता है। सर्वपितृ अमावस्या 6 अक्तूबर 2021 को है। श्राद्ध की इन तिथियों में पूर्णिमा श्राद्ध, पंचमी, एकादशी और सर्वपितृ अमावस्या का श्राद्ध प्रमुख माना जाता है। 

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पूर्णिमा तिथि और समय
पूर्णिमा तिथि प्रारंभ - सितंबर 20, 2021 को प्रातः 05:30:29 बजे 
पूर्णिमा तिथि समाप्त - सितंबर 21, 2021 को प्रातः 05:26:40 बजे

पूर्णिमा श्राद्ध विधि 
शास्त्रों के अनुसार, जो हमारे पूर्वज पूर्णिमा के दिन चले गए हैं उनके पूर्णिमा श्राद्ध ऋषियों को समर्पित होता है। हमारे पूर्वज जिनकी वजह से हमारा गोत्र है। उनके निमित तर्पण करवाएं। अपने दिवंगत की तस्वीर को सामने रखें। उन्हें चन्दन की माला अर्पित करें और सफेद चन्दन का तिलक करें। इस दिन पितरों को खीर अर्पित करें। खीर में इलायची, केसर, शक्कर, शहद मिलाकर बनाएं और गाय के गोबर के उपले में अग्नि प्रज्वलित कर अपने पितरों के निमित तीन पिंड बना कर आहुति दें। इसके पश्चात, कौआ, गाय और कुत्तों के लिए प्रसाद खिलाएं। इसके पश्चात ब्राह्मणों को भोजन करवाएं और स्वयं भी भोजन करें।

भाद्रपद पूर्णिमा का महत्व
इस दिन भगवान सत्यनारायण की पूजा करने से व्यक्ति को धन-धान्य की कमी नहीं रहती है। जो लोग पूर्णिमा के दिन व्रत करते हैं, उनके घर में सब प्रकार से सुख-समृद्धि का वास होता है। सारें कष्ट दूर होते हैं। इस दिन उमा-महेश्वर व्रत भी रखा जाता है। माना जाता है कि भगवान सत्यनारायण नें भी इस व्रत को किया था। इस दिन दान-स्नान का भी बहुत महत्व माना गया है। भादप्रद पूर्णिमा के दिन को इसलिए भी खास माना गया है क्योंकि इस दिन से श्राद्ध पक्ष का आरंभ होता है। 

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