भगवान श्री परशुराम जयंती के अवसर पर स्वर्ण भारत परिवार द्वारा पहली बार मानिककपुर, कुंडा में भगवान श्री परशुराम जी की भव्य शोभा यात्रा निकाली गयी। स्वर्ण भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष पीयूष पंडित ने शोभा यात्रा को झंडी दिखाकर रवाना किया। जिसके बाद सर्व ब्राह्मण समाज ने एक बैठक का भी आयोजन किया। जिसमें समाज की एकता, समरसता, वर्ग के उत्थान को लेकर भी चर्चा हुई।
पीयूष पंडित ने कहा कि भगवान परशुराम ने समाज के हितों के लिए जो कार्य किये थे, उससे यही संदेश जा रहा है कि वे केवल ब्राह्मणों के ही नहीं अपितु सर्व समाज का भला चाहते थे। इसलिए उन्होंने संतों व हिन्दू समाज के लिए आसुरी शक्तियों का संहार करने का काम किया। बुराई भले ही कितनी बड़ी हो अंत में अच्छाई की ही जीत होती है। इसलिए आज के दौर में भी हम सबको मिलकर ऐसे प्रयास करने होंगे, जिससे समाज में फैली कुरीतिया दूर हो सकें।
भगवान परशुराम के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम के जीवन का एकमात्र ध्येय था मातृभूमि का उपचार करना। उन्होंने अपने फरसे के प्रहार से पापियों का नाश किया और 21 बार आतताइयों से धरती को मुक्त करवाया। भगवान परशुराम किसी जाति विशेष के नहीं बल्कि पूरी मानव जाति के प्रेरणादायक महापुरुष है। उन्होंने उस समय संपूर्ण मानव जाति की भलाई व बुराई के खात्मे के लिए शस्त्र व शास्त्र दोनों का उपयोग किया। ठीक उसी प्रकार से आज के समाज से फैली जात-पात तथा अन्य कुरीतियों को समाप्त करने के लिए उनकी शिक्षाओं को अपनाने की जरूरत है।
कार्यक्रम में ब्राह्मण विकास सेवा मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष अटल शुक्ल, मोहित शुक्ल, शानू बाबा, आलोक तिवारी , गुड्डू ओझा, आलोक मिश्रा, अष्टभुजा तिवारी आदि शामिल हुए। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर ऐसे कार्यक्रमों में भाग लेना चाहिए। इस तरह के कार्यक्रम से युवाओं के आगे आने का मनोबल बढ़ता है।