भगवान शिव के प्रिय भोग
प्रदोष व्रत में शिव जी को दही और घी का भोग जरूर लगाएं। मान्यता है कि इससे जीवन के सभी कष्ट दूर होने लगते हैं। साथ ही संतान सुख की प्राप्ति होती है। इस दौरान शिव जी को हलवा का भोग लगाने से मनचाही इच्छा पूरी होती है। यदि आप आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं, तो प्रदोष व्रत में महादेव को सूखे मेवे का भोग लगाएं। इससे धन लाभ के योग बनते हैं। आप भोग में भांग और धतूरा भी शामिल कर सकते हैं। मान्यता है कि इससे बिजनेस में बढ़ोतरी होती हैं। इस दिन आप खीर का भोग भी लगा सकती हैं।
प्रदोष व्रत पूजा विधि
- प्रदोष व्रत वाले दिन आप जल्दी उठें और स्नान करें।
- साफ वस्त्रों का पहने और शिव जी के समक्ष दीपक जलाएं।
- इस दौरान व्रत का संकल्प भी लें।
- शाम को दूध, दही, घी और गंगाजल मिलाकर पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक करें।
- फिर शिवलिंग पर चंदन, बेलपत्र, मदार, पुष्प, भांग, आदि अर्पित करें।
- फिर विधिपूर्वक पूजन और आरती करें।
प्रदोष व्रत के नियम
प्रदोष व्रत के दिन तामसिक चीजें नहीं खानी चाहिए। इस दिन भूलकर भी किसी को अपशब्द न कहें, और देर तक सोने की भूल न करें। प्रदोष व्रत करने वाले भक्त को चावल और नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा भगवान शिव की पूजा के दौरान उन्हें सिंदूर, हल्दी, तुलसी, केतकी न चढ़ाएं।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।