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MahaShivratri 2025: महाशिवरात्रि के दिन गलती से भी ना करें ये काम, महादेव हो सकते हैं रुष्ट

Tue, 25 Feb 2025 10:41 AM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

MahaShivratri 2025: फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष महाशिवरात्रि 26 फरवरी, बुधवार को है। इस दिन तड़के सुबह से लेकर देर रात तक भगवान शिव की पूजा-अर्चना की जाती है, और रात्रिकालीन पूजा का विशेष महत्व है।
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Mahashivratri 2025 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Mahashivratri Never Do these Mistakes: फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष महाशिवरात्रि 26 फरवरी, बुधवार को है। इस दिन तड़के सुबह से लेकर देर रात तक भगवान शिव की पूजा-अर्चना की जाती है, और रात्रिकालीन पूजा का विशेष महत्व है। इसलिए, शिव भक्त महाशिवरात्रि की रात जागरण करके माता पार्वती और भगवान शिव की आराधना करते हैं।

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मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव और देवी पार्वती का विवाह हुआ था, और महादेव शिवलिंग के रूप में प्रकट हुए थे। चूंकि शिवरात्रि भगवान शिव को प्रसन्न करने और उनकी कृपा प्राप्त करने का अवसर है, इसलिए इस दिन ऐसी कोई गलती न करें जो उन्हें नाराज कर सके, अन्यथा जीवन में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, शिव पूजा के नियमों का पालन करते हुए पूजा-अभिषेक करें।

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maha shivratri 2025 - फोटो : amarujala
महाशिवरात्रि पर न करें ये गलती 
  • महाशिवरात्रि के दिन शिव जी का अभिषेक करते समय ध्यान रखें कि शिवलिंग पर कांसे के बर्तन से दूध या जल नहीं चढ़ाना चाहिए, क्योंकि यह अशुभ माना जाता है। 
  • अभिषेक के लिए सोने, चांदी या तांबे के पात्र का उपयोग करें।
  • महाशिवरात्रि के अवसर पर काले रंग के कपड़े पहनने से बचें, विशेष रूप से पूजा के समय।
  • इस दिन मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन जैसी तामसिक वस्तुओं का सेवन न करें, भले ही गलती से ही क्यों न हो।
  • शिवलिंग पर तुलसी, सिंदूर, केतकी, कमल और कनेर के फूल चढ़ाना वर्जित है, इसलिए पूजा में इनका उपयोग न करें। साथ ही, शिवलिंग पर टूटे या खंडित चावल भी न चढ़ाएं।
  • महाशिवरात्रि के दिन अपने मन में बुरे विचार न लाएं और किसी से भी बुरे शब्द न कहें। अपना मन शिव जी की आराधना में लगाएं।
  • शिवरात्रि के व्रत में अनाज का सेवन न करें, केवल फलाहार का ही सेवन करें।
 
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Shivling Puja Vidhi - फोटो : freepik
महाशिवरात्रि पूजा नियम 
  • महाशिवरात्रि के दिन पूजा करते समय शिवलिंग पर नारियल नहीं चढ़ाना चाहिए और न ही नारियल के पानी से अभिषेक करना चाहिए, क्योंकि नारियल लक्ष्मी जी का प्रतीक है और शिव पूजा में इसे वर्जित माना जाता है।
  • शिवलिंग का जलाधारी ऊर्जा और शक्ति का भंडार होता है। महाशिवरात्रि पर शिवलिंग की पूजा के बाद लिंग की आधी परिक्रमा अवश्य करें, इसे छोड़ना नहीं चाहिए, अन्यथा दोष लगता है और ऊर्जा की हानि होती है।
  • यदि आप महाशिवरात्रि पर काली मिट्टी के पार्थिव शिवलिंग या चीनी मिट्टी के शिवलिंग की पूजा कर रहे हैं, तो पूजा में चढ़ाए गए भोग को बांटें नहीं और न ही स्वयं इसका सेवन करें। यह भोग शिव के गणों का होता है, इसलिए इसे नदी में प्रवाहित कर दें।
  • भगवान शिव को 3 पत्तों वाला साबुत बेलपत्र अर्पित करें। बेलपत्र को चिकनी सतह की ओर से शिवलिंग पर चढ़ाना चाहिए।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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