आज साल की सबसे बड़ी एकादशी है। जिससे निर्जला, भीमसेनी और पांडव एकादशी के नाम से जाना जाता है। हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व होता है। इसमें निर्जला एकादशी को सभी एकादशी में सबसे श्रेष्ठ और पुण्यदायी माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी मनाई जाती है और यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इस निर्जला एकादशी व्रत को जो भक्त नियम से करता है उसे साल भर की सभी 24 एकादशी के बराबर का पुण्य लाभ प्राप्त होता है। निर्जला एकादशी आज है और इस दिन दान करने का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन दान करने से करने अक्षय पुण्य की प्राप्त होती है। आइए जानते हैं इस दिन किन-किन चीजों का दान करना पुण्य और लाभकारी साबित होता है।
निर्जला एकादशी पर इन 5 चीजों का करें दान
1- जल से भरा घड़ा
ज्येष्ठ माह में भीषण गर्मी पड़ती है। ऐसे में सभी लोगों को प्यास से राहत देने के लिए जल से भरा घड़ा का दान करना बहुत ही शुभ माना जाता है। इससे जीवन में भगवान विष्णु की कृपा और पुण्य की प्राप्ति होती है।
2- निर्जला एकादशी पर सत्तू का दान
निर्जला एकादशी पर सत्तू का दान करना बहुत ही शुभ और फलदायी माना जाता है। गर्मी के मौसम में लोग गर्मी से बहुत ज्यादा परेशान रहते हैं इस कारण से सत्तू का दान करना बहुत ही अच्छा और शुभ होता है।
3- निर्जला एकादशी पर गुड़ का दान
हिंदू धर्म में गुड़ के दान करने का विशेष महत्व होता है। शास्त्रों में गुड़ दान करने से सुख-समृद्धि और शुभ फलो की प्राप्ति होती है। एकादशी और गुरुवार के संयोग में गुड़ का दान करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा मिलती है।
4- छाता और पंखा का दान
निर्जला एकादशी पर भीषण गर्मी से बचने के लिए गर्मी से राहत देने के लिए इस दिन छाता और हाथ का पंखा दान करना शुभ होता है।
5- कपड़े और अन्न
निर्जला एकादशी पर गरीबों और जरूरतमंद लोगों को कपड़े, फल और अन्न का दान करना बहुत ही पुण्य का काम होता है। इससे जीवन में सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
निर्जला एकादशी का धार्मिक महत्व
शास्त्रों के अनुसार, सभी एकादशी में निर्जला एकादशी को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। इस एकादशी का व्रत करने से सभी 24 एकादशियों के बराबर का पुण्य लाभ मिलता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, जप और दान करने से विशेष फलदायी माना जाता है। एकादशी का व्रत करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग और धार्मिक ग्रंथों पर आधारित है। इस सूचना और तथ्यों की सटीकता एवं संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।