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Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी पर भूलकर भी ना करें ये काम, जानिए व्रत के नियम

Wed, 24 Jun 2026 11:57 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Nirjala Ekadashi 2026:  हिंदू धर्म में निर्जला एकादशी का विशेष महत्व होता है। यह सभी एकादशी में सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है, क्योंकि इस एकादशी का व्रत रखने से सभी 24 एकादशी का फल प्राप्त होता है। 
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एकादशी पर नियमों का पालन करें - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Nirjala Ekadashi 2026: गुरुवार, 25 जून को साल की सबसे बड़ी और कठिन एकादशी निर्जला एकादशी का व्रत रखा जाएगा। सनातन धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व होता है। इस व्रत में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष रूप से पूजा-आराधना होती है। हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की तिथि को निर्जला एदाकशी का व्रत रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस एकादशी का व्रत रखने से सभी 24 एकादशी व्रत के बराबर का फल प्राप्त होता है। इस दिन विधि-विधान के साथ, सच्चे मन से व्रत और पूजा करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। शास्त्रों में  एकादशी के व्रत नियमों को ध्यान से पालन करने के बारे में बताया गया है। 
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निर्जला एकादशी पर भूलकर भी ना करें ये गलतियां

चावल का सेवन न करें
एकादशी पर चावल का सेवन करना वर्जित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन चावल खाने से व्रत का पूरा लाभ नहीं मिलता है। एकादशी पर फलाहार करना शुभ होता है। निर्जला एकादशी पर अन्न के साथ पानी का सेवन भी नहीं किया जाता है। 

गुस्से और वाद-विवाद से बचें
एकादशी पर अपने मन को नियंत्रित करें और शांत रहें। निर्जला एकादशी पर किसी को कटु वचन, वाद-विवाद और क्रोध करने से बचें। एकादशी दिन मन को शांत रखते हुए भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें।
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तामसिक भोजन करने से बचें
निर्जला एकादशी के दिन तामसिक चीजों के सेवन से बचना चाहिए। इस दिन लहसुन, प्याज, मांस और शराब जैसी चीजों के सेवन से बचना चाहिए। इस दिन व्रत के नियमों का पालन करते हुए सादा भोजन और भगवान विष्णु के नाम का मन में स्मरण करना शुभ रहता है। 

एकादशी के दिन देर तक सोने से बचें
एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान और पूजा पाठ करना बहुत ही शुभ और लाभकारी रहता है। इस दिन देर तक सोना अच्छा नहीं माना जाता है। 

एकादशी पर तुलसी के पत्तों को तोड़ने से बचें
एकादशी पर तुलसी के पौधे का पूजन का विशेष महत्व होता है। लेकिन इस दिन भूलकर भी तुलसी के पत्ते को नहीं तोड़ना चाहिए। भोग के लिए एकादशी के एक दिन पहले ही तुलसी के पत्तों को तोड़कर रख लेना चाहिए।

निर्जला एकादशी व्रत के नियम
- इस दिन सुबह ब्रह्रा मुहूर्त में उठे और स्नान करें।
- निर्जला एकादशी पर अन्न के साथ जल का भी सेवन न करें।
- भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करें।
- इस दिन भगवान विष्णु को पीले फूल, तुलसी दल और पंचामृत अर्पित करें।
- ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें।
- इस दिन जरूरतमंदों को दान करें और भक्ति भाव से व्रत के नियमों का पालन करें।

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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