शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 10 अक्टूबर से हो रही है। नवरात्रि में 9 दिनों तक माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा होती है। इसके लिए लोग अपने घरों पर नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना करते हैं और इसके लिए कई तैयारियां की जाती है। दुर्गा पूजा और कलश स्थापना में कई तरह की चीजों की जरूरत होती है। आइए जानते हैं नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा में किन-किन सामग्रियों की आवश्यकता होती है।
कलश स्थापना और पूजा में लगने वाली सामग्री
1- नवरात्रि में घर पर मां दुर्गा की फोटो या मूर्ति को स्थापित करने के लिए लकड़ी की चौकी का होना जरूरी है।
2- माता को लाल रंग का कपड़ा बहुत पसंद होता है ऐसे में चौकी पर बिछाने के लिए लाल कपड़ा जरूर होना चाहिए। लेकिन कभी भी भूलकर माता की चौकी पर सफेद या काले रंग का कपड़ा नहीं रखना चाहिए।
3- नवरात्रि पर कलश स्थापना के साथ माता की पूजा-आराधना का सिलसिला शुरू हो जाता है जो 9 दिनों तक चलता है। कलश स्थापना में सोने, चांदी या मिट्टी के कलश का प्रयोग किया जा सकता है।
4- कलश स्थापना और मां दुर्गा की पूजा में आम के पत्तों का होना बहुत जरूरी होता है। आम के पत्तों से तोरड़ द्वार बनना चाहिए।
5- नवरात्रि में कलश स्थापना और पूजा में जटा वाला नारियल के साथ पान, सुपारी, रोली, सिंदूर, फूल और फूल माला,कलावा और अक्षत यानि सबूत चावल होना चाहिए।
6-हवन के लिए आम की सूखी लकड़ी, कपूर, सुपारी, घी और मेवा जैसी सामग्री का होना आवश्यक है।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
सुबह - 06 बजकर 18 मिनट से 10 बजकर 11 मिनट तक रहेगा।
कलश स्थापना का सबसे शुभ मुहूर्त- ब्रह्म मुहूर्त से सुबह 7.56 मिनट तक
कुल अवधि- 3 घंटे 52 मिनट
महाअष्टमी- 17 अक्टूबर
महानवमी- 18 अक्टूबर