छोटी दिवाली पर किसकी पूजा होती है?
नरक चतुर्दशी के दिन भगवान श्री कृष्ण की पूजा की जाती है। इस दिन मृत्यु के देवता यमराज और धन की देवी लक्ष्मी जी की भी पूजा की जाती है। इस दिन सुबह सूर्योदय से पहले नहाना चाहिए। मान्यता अनुसार रूप चौदस के दिन भगवान कृष्ण ने नरकासुर का वध किया था और लगभग 16,000 स्त्रियों को कैद मुक्त किया था। इस दिन यमराज की पूजा की जाती है इसलिए इस दिन किसी भी जीव की हत्या नहीं करनी चाहिए।
छोटी दिवाली पर करें ये अचूक उपाय
नरक चतुर्दशी पर 14 दीपक
नरक चतुर्दशी के दिन 14 दीपक जलाने का बहुत महत्व है, जो घर के अलग-अलग स्थानों पर जलाए जाते हैं। कूड़ेदान, परित्यक्त मंदिरों में और यहां तक कि दरवाजे की चौखट पर भी दीपक जलाए जाते हैं। इस दिन दीपक जलाने से कर्ज से मुक्ति और आर्थिक लाभ होता है। अगर आप अपने घर से नकारात्मकता दूर करना चाहते हैं तो 14 दीपकअवश्य जलाएं।
तेल से मालिश
नरक चतुर्दशी के दिन सुबह पूरे शरीर पर तेल से मालिश करके स्नान करना चाहिए । चतुर्दशी के दिन तेल में देवी लक्ष्मी और जल में मां गंगा का वास होता है। इसलिए तेल मालिश के बाद स्नान करने से आपको कई लाभ और देवी की कृपा प्राप्त होगी।
कालिका मां की पूजा
नरक चतुर्दशी के दिन कालिका मां की पूजा का विशेष महत्व है। नरक चतुर्दशी को काली चौदस के नाम से भी जाना जाता है इसलिए इस दिन देवी कालिका की पूजा करने से जीवन की चिंताओं से मुक्ति मिलती है।
यम के नाम का दीया
नरक चतुर्दशी पर यम के नाम पर दीपक जलाने की परंपरा काफी समय से चली आ रही है। मान्यता है कि इस दिन यमराज की पूजा करने से अकाल मृत्यु का भय दूर हो जाता है।
भगवान कृष्ण की पूजा
नरक चतुर्दशी के अवसर पर साधकों को भगवान श्री कृष्ण की पूजा करनी चाहिए। इससे आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होगा । भगवान कृष्ण अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।