कालसर्प दोष क्या है?
ज्योतिष शास्त्र में, जब सभी ग्रह राहु और केतु के बीच स्थित होते हैं, तो इसे कालसर्प दोष कहा जाता है। मान्यताओं के अनुसार, यह दोष जीवन में कई तरह की समस्याएं पैदा कर सकता है, जैसे कि धन-दौलत में बाधा, विवाह में अड़चन, संतान प्राप्ति में कठिनाई, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, और नौकरी में परेशानी, आदि। इसलिए आइए इस लेख में नाग पंचमी के दिन कालसर्प दोष से बचने के उपाय के बारे में जानते हैं।
श्री सर्प सूक्त पाठ करें
नाग पंचमी के दिन श्री सर्प सूक्त पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से काल सर्प दोष का प्रभाव बहुत हद तक कम हो जाता है।
नाग-नागिन आकृति की अंगूठी
कुंडली में कालसर्प दोष है तो नाग पंचमी के दिन ही हाथ में चांदी से बनी हुई नाग-नागिन आकृति की अंगूठी पहनें। ऐसा करने से काल सर्प दोष का प्रभाव बहुत हद तक कम हो जाता है।
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नाग देवता की पूजा
नाग पंचमी के दिन, नाग देवता (भगवान शेषनाग) की पूजा करें। उनकी प्रतिमा या तस्वीर को स्नान कराएं, उन पर फूल, चंदन, अक्षत और दूध अर्पित करें। नाग मंत्रों का जाप करें और "ॐ नमः शिवाय" का नमस्कार करें।
पंच नाग पूजन
नाग पंचमी के दिन, पांच नागों (शेषनाग, वासुकी, तक्षक, कुर्माक और पद्म) की पूजा करें। इन नागों की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें और उनकी पूजा करें। पंच नाग मंत्रों का जाप करें।
गोबर के नाग बनाना
नाग पंचमी के दिन, गोबर से नाग बनाएं और उनकी पूजा करें। इन नागों को दूध, घी और शहद अर्पित करें। बाद में, इन नागों को किसी नदी या तालाब में विसर्जित कर दें।
दान-पुण्य करें
नाग पंचमी के दिन दान-पुण्य करना बहुत ही शुभ माना जाता है। गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र या दान-दक्षिणा दें।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस लेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।