हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोहिनी एकादशी कहा जाता है। यह व्रत जीवन के दोषों को दूर करता है और प्रभु विष्णु की विशेष अनुकंपा दिलाने वाला माना गया है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण कर देवताओं को अमृत प्रदान किया था। इस दिन व्रत, ध्यान और विशेष उपायों से जीवन में सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक शक्ति की प्राप्ति होती है।
1. शंख में गंगाजल भरकर विष्णुजी का अभिषेक करें
इस दिन शंख में गंगाजल लेकर भगवान विष्णु का अभिषेक करें और ‘ॐ श्री विष्णवे नमः’ मंत्र का 108 बार जप करें। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और दिव्यता आती है।
2. तुलसी की जड़ में चंदन और रोली अर्पित करें
तुलसी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है। एकादशी के दिन तुलसी की जड़ में चंदन व रोली चढ़ाकर ‘गोविंदाय नमः’ का जप करें। इससे पारिवारिक कलह समाप्त होती है।
3. पीले वस्त्र, हल्दी और गुड़ का दान करें
पीले रंग से जुड़े द्रव्यों का दान करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। किसी जरूरतमंद को पीला वस्त्र, हल्दी और गुड़ दान करें, जिससे दरिद्रता दूर होती है।
4. लड्डू गोपाल को मिश्री और तुलसी अर्पित करें
लड्डू गोपाल को इस दिन तुलसी और मिश्री का भोग लगाएं, उन्हें झूले में झुलाएं और ‘नंदनंदनाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि’ मंत्र जपें। इससे परिवार में प्रेम और आनंद बना रहता है।
5. विष्णु सहस्त्रनाम या लक्ष्मी सहस्त्रनाम का पाठ करें
मोहिनी एकादशी पर विष्णु या लक्ष्मी सहस्त्रनाम का पाठ करना अत्यंत पुण्यदायी होता है। समयाभाव हो तो 108 नामों का जप भी लाभकारी होता है।
6. एक समय मौन व्रत और तुलसी दीपदान करें
मौन व्रत रखकर तुलसी के समक्ष घी का दीपक जलाएं और ‘ॐ नमो नारायणाय’ मंत्र का मानसिक जप करें। इससे चित्त शुद्ध होता है और मन शांत होता है।
7. पीपल वृक्ष के नीचे 11 दीपक जलाएं
शाम को पीपल के नीचे 11 दीप जलाकर ‘ॐ विष्णवे नमः’ मंत्र का जाप करें। पीपल में भगवान विष्णु का वास माना गया है, यह उपाय वंश वृद्धि और समृद्धि लाता है।
8. भगवान विष्णु को पीले कमल का पुष्प अर्पित करें
मोहिनी एकादशी पर पीले कमल का फूल या पीले पुष्प भगवान विष्णु को अर्पित करें। पीला कमल अत्यंत दुर्लभ है और श्रीहरि को अर्पित करने से विशेष पुण्यफल मिलता है। इससे सौभाग्य, यश और लक्ष्मी कृपा प्राप्त होती है।