matangi jayanti 2025 puja time
- फोटो : adobe stock
मातंगी जयंती कब है
मातंगी जयंती हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। इस दिन देवी मातंगी की पूजा विशेष रूप से की जाती है, जो 10 महाविद्याओं में से 9वीं महाविद्या मानी जाती हैं। इस वर्ष 2025 में मातंगी जयंती 30 अप्रैल को मनाई जाएगी जो अक्षय तृतीया के साथ संयोग बनाती है। यह दिन पूजा और धार्मिक कार्यों के लिए बहुत शुभ है और इस दिन देवी मातंगी की पूजा से विशेष आशीर्वाद प्राप्त होते हैं।
मातंगी जयंती पर बनने वाले शुभ योग
सर्वार्थ सिद्धि योग: 30 अप्रैल पूरे दिन रहेगा
रवि योग: 30 अप्रैल सायं 4:18 से 1 मई को प्रातः 5:40 तक
शोभन योग: 30 अप्रैल सुबह से लेकर दोपहर 12:02 तक रहेगा
मातंगी जयंती का मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: 30 अप्रैल प्रातः 4:15 से प्रातः 4:58 तक
निशिता मुहूर्त: 30 अप्रैल रात्रि 11:57 से 1 मई रात्रि 12:40 तक
matangi jayanti 2025 puja time
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देवी मातंगी की पूजा का महत्व
मातंगी जयंती पर देवी मातंगी की पूजा विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है। देवी मातंगी का आशीर्वाद प्राप्त करने से जीवन में समृद्धि, सफलता और मानसिक शांति मिलती है। माना जाता है कि उनकी पूजा से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन की हर परेशानी दूर हो जाती है। यह पूजा व्यक्ति को आत्मिक शांति, धन और सुख की प्राप्ति भी कराती है।
देवी मातंगी की पूजा के लाभ
- यदि आप देवी मातंगी की पूजा करते हैं, तो आपके वैवाहिक जीवन में सुख और शांति बनी रहती है। आपके जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलता है और आप दोनों के बीच मधुर संबंध रहते हैं।
- जिन लोगों के विवाह में कोई अड़चन आ रही हो या जिनका विवाह नहीं हो पा रहा हो, उन्हें देवी मातंगी की पूजा करनी चाहिए। इससे जल्द विवाह के योग बनने में मदद मिलती है और विवाह में आ रही समस्याएं समाप्त होती हैं।
- जो लोग संगीत, कला या अभिनय के क्षेत्र में नाम कमाना चाहते हैं और सिद्धि प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें देवी मातंगी की पूजा करनी चाहिए। इससे उनकी कला में निपुणता आती है और वे सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचते हैं।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।