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Margashirsha Purnima 2020: मार्गशीर्ष पूर्णिमा आज, जानें मुहूर्त, व्रत विधि और महत्व

Wed, 30 Dec 2020 06:32 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2020 - फोटो : अमर उजाला
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Margashirsha Purnima 2020: मार्गशीर्ष पूर्णिमा आज है। मार्गशीर्ष पूर्णिमा को अगहन पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। हिन्दू धर्म में मार्गशीर्ष पूर्णिमा का बड़ा महत्व माना जाता है। अगहन भगवान श्रीकृष्ण का सबसे प्रिय मास माना गया है। इसलिए अगहन पूर्णिमा पर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन पूजा और व्रत रखने से जीवन में आने वाली कई परेशानियों से मुक्ति दिलाता है। शास्त्रों के अनुसार मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर स्नान, दान और ध्यान विशेष फलदायी होता है। यदि कोई व्यक्ति पूरे विश्वास और श्रद्धा से इस व्रत को करता है तो वह इसी जन्म में मोक्ष प्राप्ति कर सकता है। 

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मार्गशीर्ष पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त - फोटो : अमर उजाला
मार्गशीर्ष पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त
मार्गशीर्ष पूर्णिमा प्रारंभ- 29 दिसंबर 2020 को 07 बजकर 55 मिनट से 
पूर्णिमा तिथि समाप्त- 30 दिसंबर 2020 को 08 बजकर 59 मिनट तक

मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत-विधि - फोटो : अमर उजाला
मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत-विधि
  • सुबह उठकर भगवान का ध्यान करें और व्रत का संकल्प लें।
  • स्नान के बाद सफेद वस्त्र धारण करें, फिर आचमन करें। 
  • अब ॐ नमोः नारायण कहकर, श्री हरि का आह्वान करें।
  • इसके पश्चात श्री हरि को आसन, गंध और पुष्प आदि अर्पित करें।
  • पूजा स्थल पर वेदी बनाएँ और हवन के लिए उसमे अग्नि जलाएं। 
  • इसके बाद हवन में तेल, घी और बूरा आदि की आहुति दें।
  • हवन समाप्त होने पर सच्चे मन में भगवान का ध्यान करें।
  • व्रत के दूसरे दिन गरीब लोगों या ब्राह्मणों को भोजन कराएं और उन्हें दान-दक्षिणा दें।

पूर्णिमा तिथि का महत्व - फोटो : सोशल मीडिया
पूर्णिमा तिथि का महत्व
हिन्दू पंचांग में पूर्णिमा को विशेष तिथि के रूप में देखा जाता है। पूर्णिमा के दिन चंद्रमा अपने पूर्णत्व की स्थिति में होता है। किसी भी माह की शुक्ल पक्ष की आखिरी तिथि ही पूर्णिमा तिथि होती है। इसे पूर्णमासी भी कहते हैं। इस दिन सूर्य और चंद्रमा समसप्तक अवस्था में होते हैं। इसी दिन चंद्रमा का प्रभाव मनुष्य पर सबसे अधिक होता है। शास्त्रों में चंद्रमा को मन का कारक बताया गया है। इसलिए इस दिन व्यक्ति को चंद्र ग्रह की शांति के उपाय करने चाहिए।
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पूर्णिमा के दिन सत्यनारायण की कथा सुनने से लाभ मिलता है। - फोटो : अमर उजाला
पूर्णिमा के दिन करना चाहिए ये उपाय
इस दिन सत्यनारायण की कथा सुनने से लाभ मिलता है। घर में सत्यनारायण की कथा का आयोजन करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और सुख शांति आती है। शाम के समय चंद्रमा निकलने पर जल अर्पित करना चाहिए।
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