4 मार्च सोमवार को महाशिवरात्रि का पर्व है। यह पर्व भगवान शिव का माता पार्वती संग हुए विवाह की खुशी में मनाया जाता है। 4 मार्च को महाशिवरात्रि पर विशेष पूजा की जाती है जिसमें शिवलिंग पर कई चीजों से आराधना की जाती है। लेकिन कुछ पूजा की साम्रगी ऐसी होती है जिसे भगवान शिव को नहीं अर्पित करनी चाहिए।
शिवलिंग पर हल्दी ना चढ़ाएं
शिवपुराण के अनुसार शिवलिंग पर हल्दी नहीं चढ़ाना चाहिए। भगवान शिव वैरागी है और हल्दी का संबंध स्त्रियों से है।
सिंदूर भी वर्जित
हल्दी की तरह ही शिवलिंग पर सिंदूर नहीं चढ़ाना चाहिए। सिंदूर सौभाग्य की निशानी है महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए मांग में सिंदूर लगाती है जबकि भगवान शिव को विनाशक कहा गया है इसलिए शिवजी को सिंदूर नहीं अर्पित करना चाहिए।
केतकी का फूल
भोलेनाथ को कभी भी केतकी का फूल नहीं अर्पित करना चाहिए क्योंकि केतकी के फूल को भगवान शिव ने शाप दिया था जिसके चलते शिवलिंग पर केतकी के फूल चढ़ाना अशुभ होता है।
शंख का न करें इस्तेमाल
भगवान शिव ने शंखचूड़ नाम के एक अत्याचारी राक्षस का वध किया था जिसके कारण से कभी भी शिवलिंग पर शंख से शिवजी को जल अर्पित नहीं करना चाहिए।
तुलसी न चढ़ाएं
शिवलिंग पर कभी भी तुलसी के पत्तों से भगवान शिव की आराधना नहीं करनी चाहिए। दरअसल भगवान शिव ने देवी तुलसी के पति असुर जालंधर का वध किया था जिसके चलते शिवजी की पूजा में तुलसी के पत्तों का प्रयोग नहीं किया जाता।
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