महाशिवरात्रि का त्योहार भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की खुशी में मनाया जाता है। फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को ही भगवान शिव ने माता पार्वती संग विवाह परिणय सूत्र में बंधे थे। ऐसे में शिव भक्तों के लिए महाशिवरात्रि का पर्व बहुत महत्व रखता है। इस बार महाशिवरात्रि का पर्व 4 मार्च को है। इस बार महाशिवरात्रि पर कई दुर्लभ महासंयोग बन रहा है जिसके कारण इसका महत्व और भी ज्यादा हो गया है।
सोमवार को मनाई जाएगी महाशिवरात्रि
इस साल महाशिवरात्रि सोमवार के दिन पड़ रही है जिससे इसका महत्व काफी बढ़ गया है। सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है और प्रत्येक सोमवार को शिवजी की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। ऐसे में सोमवार के दिन महाशिवरात्रि होने से बहुत शुभ प्रभाव पड़ेगा। जिन युवक-युवतियों के विवाह में अड़चनें आ रही है तो इस महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर गंगाजल से अभिषेक करने से बाधाएं दूर जाएंगी।
सर्वार्थ सिद्धि योग में है महाशिवरात्रि
इस बार महाशिवरात्रि सर्वार्थ सिद्धि योग में मनाई जाएगी जिसे बहुत ही शुभ माना जाता है।
शिव योग में होगी महाशिवरात्रि
इसके आलावा इस बार महाशिवरात्रि का पर्व शिव योग में हो रहा है। ज्योतिष नजरिए से शिवयोग में महाशिवरात्रि उत्तम मानी जाती है। सुख समृद्धि के लिए इस योग में महाशिवरात्रि पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजन किया जाता है।
त्रवण नक्षत्र में महाशिवरात्रि
इस बार महाशिवरात्रि का त्योहार त्रवण नक्षत्र में मनाया जाएगा। यह नक्षत्र शुभ माना जाता है। इस त्रवण नक्षत्र में भगवान शिव की पूजा करना कई तरह के कष्टों को दूर करने में सहायक होता है।
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