महाशिवरात्रि में बन रहे हैं ये दो श्रेष्ठ योग
महाशिवरात्रि के दिन सुबह 09 बजकर 25 मिनट तक महान कल्याणकारी 'शिव योग' रहेगा। उसके बाद सभी कार्यों में सिद्धि दिलाने वाला 'सिद्धयोग' शुरू हो जाएगा। शिव योग में किए जाने वाले धर्म-कर्म, मांगलिक अनुष्ठान बहुत ही फलदायी होती हैं। इस योग के किये गए शुभकर्मों का फल अक्षुण्ण रहता है।
शिव पुराण का पाठ करने या सुनने के लाभ
धार्मिक मान्यता के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि महाशिवरात्रि के दिन शिव पूजा में शिव पुराण का पाठ किया जाए तो भोलेनाथ अति प्रसन्न होते हैं। शिव पुराण में भगवान शिव की महिमा का वर्णन है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, महाशिवरात्रि पर शिव पुराण का पाठ करने से मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं, निःसंतान लोगों को संतान की प्राप्ति हो जाती है। अगर वैवाहिक जीवन से संबंधित समस्याएं आ रही हैं तो वे समस्याएं दूर हो जाती हैं। व्यक्ति के समस्त प्रकार के कष्ट और पाप नष्ट हो जाते हैं और जीवन के अंत में उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। लेकिन कई बार हम अज्ञानतावश शिव पुराण को पढ़ते समय सावधानी नहीं बरतते हैं, जिसका वास्तविक फल हमें प्राप्त नहीं हो पाता है। इसलिए शिव पुराण को पढ़ते समय हमें कुछ जरूरी सावधानियां अवश्य ही बरतनी चाहिए।