बसंत पंचमी 2019
इस भाव से करें ज्ञान की देवी का ध्यान
यहां नदीरूपा सरस्वती का आध्यात्मिक भाव सुषुम्ना नाड़ी से है, जो इड़ा व पिंगला दोनों के मध्य भाग में स्थित है, यह मूलाधार में दोनों के साथ युक्त है। यही आध्यात्मिक त्रिवेणी है, अतः बसंत पंचमी के दिन हे! माता तुम सभी देवियों में सर्वश्रेष्ठ हो, उज्जवल हो, ज्योतिर्मय हो, ब्रह्मरूपा हो, जो कोई भी तुम्हे ब्रह्मरूप में ध्यान करता है, वही तुम्हें जान सकता है, इस प्रकार के भाव के साथ मां सरस्वती की आराधना करनी चाहिए।