Lohri Puja 2025: लोहड़ी का पर्व उत्तरी भारत, विशेष रूप से पंजाब और हरियाणा में हर्षोल्लास से मनाया जाता है। यह पर्व मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाया जाता है और फसल कटाई के बाद नई फसल के आगमन का प्रतीक होता है। लोहड़ी पर्व सामाजिक एकता और पारिवारिक सामंजस्य का प्रतीक है। इस दिन लोग नाच-गाने और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से जीवन की खुशियों को साझा करते हैं। लोहड़ी का पर्व न केवल कृषि और प्रकृति से जुड़ा है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपरा और सामूहिकता का भी प्रतीक है। इस पर्व के माध्यम से हम अपने समाज में प्रेम, भाईचारा और समृद्धि का संदेश फैलाते हैं।
तिल: तिल को शुद्धता और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। इसे चढ़ाने से व्यक्ति के पाप नष्ट होते हैं।
गुड़: गुड़ मिठास और समृद्धि का प्रतीक है। इसे अग्नि में अर्पित करने से जीवन में मिठास और खुशहाली आती है।
रेवड़ी और गजक : ये चीजें सामाजिक एकता और मेल-जोल का प्रतीक हैं। इन्हें बांटने से रिश्तों में प्रेम बढ़ता है।
मूंगफली और मकई के दाने: ये नई फसल की खुशबू का प्रतीक हैं। इन्हें अर्पित कर फसल की समृद्धि के लिए प्रार्थना की जाती है।
Lohri 2025: लोहड़ी की अग्नि में जरूर डालें ये चीजें, सुख-समृद्धि के साथ हो सकता है भाग्योदय