शरद पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा भी कहते हैं। 13 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा के साथ कोजागरी पूर्णिमा भी है। इस दिन माता लक्ष्मी की भी पूजा होती है। मान्यता है कि इसी दिन मां लक्ष्मी का जन्म हुआ था। कोजागरी पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी पृथ्वी पर विचरण करती हैं। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा यानि कोजागरी पूर्णिमा पर रात को जागने पर मां घर आती हैं और महालक्ष्मी को जो भी व्यक्ति जागते हुए दिखाई देता है और पूजा ध्यान में लगाए हुआ होता है उन्हें देवी लक्ष्मी की कृपा मिलती है। भक्तों को धन- वैभव का आशीर्वाद प्रदान करती हैं। कोजागरी पूर्णिमा का व्रत रखने से दरिद्रता दूर होती है।
कोजागरी पूर्णिमा की तिथि और शुभ मुहूर्त
कोजागरी पूर्णिमा- 13 अक्टूबर 2019
पूर्णिमा तिथि प्रारंभ- 13 अक्टूबर की रात 12 बजकर 36 मिनट से
पूर्णिमा तिथि समाप्त- 14 अक्टूबर की रात 2 बजकर 38 मिनट पर
माता लक्ष्मी की आरती
ॐ जय लक्ष्मी माता,
मैया जय लक्ष्मी माता ।
तुमको निसदिन सेवत,
हर विष्णु विधाता ॥
उमा, रमा, ब्रम्हाणी,
तुम ही जग माता ।
सूर्य चद्रंमा ध्यावत,
नारद ऋषि गाता ॥
॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥
दुर्गा रुप निरंजनि,
सुख-संपत्ति दाता ।
जो कोई तुमको ध्याता,
ऋद्धि-सिद्धि धन पाता ॥
॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥
तुम ही पाताल निवासनी,
तुम ही शुभदाता ।
कर्म-प्रभाव-प्रकाशनी,
भव निधि की त्राता ॥
॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥
जिस घर तुम रहती हो,
ताँहि में हैं सद्गुण आता ।
सब सभंव हो जाता,
मन नहीं घबराता ॥
॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥
तुम बिन यज्ञ ना होता,
वस्त्र न कोई पाता ।
खान पान का वैभव,
सब तुमसे आता ॥
॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥
शुभ गुण मंदिर सुंदर,
क्षीरोदधि जाता ।
रत्न चतुर्दश तुम बिन,
कोई नहीं पाता ॥
॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥
महालक्ष्मी जी की आरती,
जो कोई नर गाता ।
उँर आंनद समाता,
पाप उतर जाता ॥
॥ॐ जय लक्ष्मी माता...॥
ॐ जय लक्ष्मी माता,
मैया जय लक्ष्मी माता ।
तुमको निसदिन सेवत,
हर विष्णु विधाता ॥