वास्तु विज्ञान के अनुसार भवन में बेसमेंट (तलघर) का निर्माण कभी भी सम्पूर्ण भूखंड में नहीं करना चाहिए। भवन का उत्तरी एवं पूर्वी भाग, दक्षिणी एवं पश्चिमी भाग की तुलना में नीचा रहना शुभ माना गया है। अतः बेसमेंट का निर्माण हमेशा भवन के उत्तर एवं पूर्व में करना श्रेष्ठ रहता है। इसका प्रवेश द्वार पूर्वी ईशान, दक्षिण आग्नेय, पश्चिमी वायव्य अथवा उत्तरी ईशान में करना चाहिए। दक्षिण एवं पश्चिम दिशा में बनाया गया बेसमेंट वहां निवास करने वालों के लिए अत्यंत कष्टदायक हो सकता है। यदि किसी ईमारत में पहले से ही दक्षिण-पश्चिम दिशा में बेसमेंट बना हुआ हो, तो उसका उपयोग भारी सामान रखने अथवा गैरेज हेतु करना चाहिए।
वास्तु के किन नियमों के अनुसार बेसमेंट में भी मिलने लगता है शुभ फल, जानने के लिए आगे की स्लाइड क्लिक करें —