Varuthini Ekadashi 2019
वरुथिनी एकादशी व्रत का नियम
वरुथिनी एकादशी व्रत रखने वाले साधक को तमाम तरह के नियम-संयम का पालन करना पड़ता है। व्रत वाले दिन साधक को काम, क्रोध आदि पर पूर्ण नियंत्रण रखना होता है। साथ ही उसे झूठ बोलने और निंदा करने से बचना होता है। वरुथिनी एकादशी का व्रत करने वाले के लिए पान, सुपारी एवं तैलीय पदार्थ का सेवन करना पूर्णत: वर्जित है। व्रती को इस दिन निद्रा का त्याग करके भगवान मधुसूदन का जागरण, भजन, कीर्तन एवं मंत्र जप करना चाहिए। व्रती को इस दिन भगवान के नाम और उनके अवतारों की कथा और कीर्तन करना चाहिए। द्वादशी के दिन भी लहसुन, प्याज, बैंगन, मांसाहार और मादक पदार्थों से परहेज रखना चाहिए।