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Vaishakh Purnima : वैशाख पूर्णिमा की रात इन सरल उपायों से दूर होगी दरिद्रता और भरेगा धन का भंडार

Thu, 16 May 2019 09:04 AM IST
Madhukar Mishra धर्म डेस्क, अमर उजाला
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Vaishakh Purnima 2019
वैशाख मास की पूर्णिमा को वैशाखी पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार वैशाख पूर्णिमा सभी में श्रेष्ठ मानी गई है। इसे बुद्ध पूर्णिमा (बुद्ध जयंती) के नाम से भी जाना जाता है। बुद्ध को भगवान विष्णु का नौवां अवतार माना गया है। जिन्हें इसी पावन तिथि के दिन बिहार के पवित्र तीर्थ स्थान बोधगया में बोधि वृक्ष के नीचे बुद्धत्व की प्राप्ति हुई थी। 

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Vaishakh Purnima 2019
भगवान विष्णु की साधना का शुभ दिन 

वैशाख मास की पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु की साधना-आराधना का बहुत ज्यादा महत्व है। इस पावन तिथि पर पवित्र सरोवर या नदी में स्नान, दान, ध्यान, जप, व्रत और तर्पण आदि करने से मनुष्य को पापों से मुक्ति और मोक्ष प्राप्त होता है। इस दिन पितरों के निमित्त किए गए कार्यों से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। 
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Vaishakh Purnima 2019
गंगा स्नान का है विशेष महत्व 

वैशाख पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान का अत्यधिक महत्व है। मान्यता है कि इस दिन गंगा में स्नान करने से कई जन्मों के पापों से मुक्ति मिल जाती है। 
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Vaishakh Purnima 2019
वैशाख पूर्णिमा के महाउपाय

— वैशाख पूर्णिमा के दिन प्रात:काल स्नान करके व्रत रखें और रात में फूल, धूप, दीप, अन्न, गुड़ आदि से चंद्रमा की पूजा करें व जल चढ़ाएं। पूजा के बाद ब्राह्मण को जल से भरा हुआ घड़ा दान करें। इसके साथ ही पकवान भी दान करें। 

— वैशाख पूर्णिमा के दिन मृत्यु के देवता धर्मराज के नाम से जल से भरे कलश और पकवान आदि दान करने से 100 गायों के दान का फल मिलता है। 

— वैशाख पूर्णिमा के दिन पांच या सात ब्राह्मणों को सत्तू, चीनी अथवा गुड़ और तिल के दान करने का विशेष फल प्राप्त होता है। 

— किसी विष्णु मंदिर में घी, चीनी और तिलों से भरा पात्र दान करने से शीघ्र ही मनोकामना पूर्ण होती है। 

— वैशाख की पूर्णिमा के दिन तिल और चीनी से हवन करने से भी शुभ फलों की प्राप्ति होती है। 

— वैशाख पूर्णिमा पर सत्य विनायक का व्रत भी रखा जाता है। मान्यता है कि भगवान कृष्ण ने अपने प्रिय मित्र सुदामा को सत्य विनायक का व्रत रखने को कहा था, जिसे करने के बाद उनकी गरीबी दूर हुई थी।


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