फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karwa Chauth Puja Shubh Muhurat: आज इस मुहूर्त में करें करवा चौथ व्रत का पूजन, जानें पूजा की कुल अवधि

Wed, 01 Nov 2023 04:19 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Karwa Chauth Pooja Timing, Chand Ka Time: इस बार करवा चौथ पर बेहद दुर्लभ योग बन रहे हैं।  करवा चौथ मुख्य रूप से राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में मुख्य रूप से मनाया जाता है।
विज्ञापन
Karwa Chauth 2023 Puja Time - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Karwa Chauth Shubh Muhurat: आज करवा चौथ है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का व्रत रखा जाता है। महिलाएं ये व्रत अपने पति की दीर्घायु के लिए रखती हैं। चतुर्थी तिथि 31 अक्तूबर की रात 09:29 बजे से ही शुरू हो जाएगी और एक नवंबर को रात 9:19 बजे तक रहेगी। यह पर्व चंद्रोदय व्यापिनी चतुर्थी तिथि में मनाया जाता है। ऐसे में इस दिन चंद्रमा भी रात्रि 8:06 बजे पर उदय होगा। इस बार करवा चौथ पर बेहद दुर्लभ योग बन रहे हैं।  करवा चौथ मुख्य रूप से राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में मुख्य रूप से मनाया जाता है। आइए जानते हैं करवा चौथ की तिथि, पूजन मुहूर्त, चंद्रोदय के समय के बारे में। 

विज्ञापन


चतुर्थी तिथि कब से? 
31 अक्टूबर को चतुर्थी तिथि रात 09 बजकर 30 मिनट से आरंभ होगी और 01 नवंबर को रात 09 बजकर 19 मिनट तक रहेगी।

करवा चौथ 2023 पूजन मुहूर्त
01 नवंबर को करवा चौथ पूजन का शुभ मुहूर्त: सायं 05: 36 मिनट से सायं 06 : 54 मिनट तक 
पूजन की कुल अवधि: 01 घंटा 18 मिनट



करवा चौथ व्रत का समय 2023
पंचांग के अनुसार, करवा चौथ व्रत 01 नवंबर को प्रातः 06: 33 मिनट से आरंभ होकर चंद्रोदय तक रखा जाएगा। व्रत की कुल अवधि 13 घंटे 42 मिनट की है। ध्यान रहे कि करवा चौथ का व्रत चंद्रदर्शन के बाद उन्हें अर्घ्य देने के बाद ही पारण किया जाता है। 

करवा चौथ के दिन चंद्रोदय का समय  
करवा चौथ के दिन चांद निकलने का समय रात 08 बजकर 15 मिनट है। अलग-अलग शहरों में चंद्रदर्शन का समय अलग हो सकता है। 

करवा चौथ व्रत में होती है किसकी पूजा 
करवा चौथ में भगवान गणेश के साथ भगवान शिव, माता पार्वती, कार्तिकेय की विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है। इसके अलावा करवा मां और चंद्रमा की भी आराधना की जाती है। चंद्रमा निकालने पर उनके दर्शन करके उन्हें अर्घ्य दिया जाता है और फिर अपने पति के हाथ से पानी पीकर व्रत खोला जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधिवत पूजा करने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें