27 अक्टूबर शनिवार की शाम सुहागिन महिलाएं पति का लंबी आयु के लिए करवा चौथ की पूजा करेंगी। करवा चौथ का व्रत पति-पत्नी के बीच प्रेम संबंध को मजूबत बनाए रखने का त्योहार है। वैसे तो करवा चौथ की तैयारियां कई दिन पहले से ही होने लगती हैं इसके लिए करवा चौथ व्रत की पूजा में कुछ चीजों का विशेष महत्व होता है। आइए जानते हैं करवा चौथ की पूजा में किन-किन चीजों की जरूरत होती है।
- सबसे पहले करवा चौथ की पूजा साम्रगी में करवा माता की पूजा के लिए उनकी तस्वीर होना चाहिए।
- करवा चौथ व्रत में सींक का होना बहुत जरूर होता है। करवा माता की तस्वीर के अलावा सींक भी माता के शक्ति का प्रतीक माना जाता है। सींक का करवा चौथ की पूजा में विशेष महत्व होता है।
- बिना करवा के करवा चौथ की पूजा का कोई अर्थ नहीं होता। करवा नदी का प्रतीक माना जाता है।
- करवा चौथ में पूजा में छलनी का होना भी जरूरी होता है। व्रत में महिलाएं अपने पति के चेहरे को छलनी से देखती हैं।
- बिना दीपक के कोई भी व्रत या पूजा पूरी नहीं हो सकती। करवा पूजा में दीपक की रोशनी का विशेष महत्व होता है।
- पूजा की थाली में फल, फूल, सुहाग का सामान, जल, दीपक और मिठाई होनी चाहिए। इन चीजों से करवा माता की पूजा की जाती है और उनका आशीर्वाद लेकर अपने परिवार के मंगलकामना की प्रार्थना कर पूजा संपन्न की जाती है।
करवा चौथ पूजा पर करना चाहिए 8 काम
1- सुबह जल्दी उठ कर घर के अंदर और बाहर सफाई करें। स्नान करते समय पानी में थोड़ा सा गंगाजल भी मिलाएं।
2- घर के बाहर रंगोली बनाएं। पूरे घर में गोमूत्र का छिड़काव करें।
3- चौथ माता के साथ गणेश भगवान की प्रतिमा स्थापित करें। व्रत का संकल्प लें। दिनभर निराहार रहें।
4- सूर्यास्त के बाद जब चंद्रोदय हो जाए भगवान गणेश की पूजा करें और लड्डू का भोग लगाएं।
5- भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें करवा माता की पूजा करें।
6- करवे मिट्टी के बर्तन में पानी भरें और ऊपर चांदी का सिक्का रखें।
7- करवे को मिट्टी के दीपक से ढंककर उस पर मिठाई रखें।
8- चंद्र दर्शन करें और चौथ माता की विधि विधान से पूजा करें।