jitiya vrat 2018: संतान की मंगलकामना और सुखी जीवन के लिए महिलाएं आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि से नवमी तक जिउतिया व्रत रखा जाता है। 2 अक्टूबर को जिउतिया पर्व मनाया जा रहा है। इस निर्जला व्रत को पूर्वी-उत्तरी भारत में बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है। व्रत के एक दिन पहले नहाय खाय दूसरे दिन व्रत और अंत में पारण किया जाता है।
कैसे किया जाता है जिउतिया व्रत
नहाय खाय के साथ व्रत की शुरूआत एक दिन पहले ही हो जाती है। बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्रती महिलाएं शाम को पकवान बनाती है। फिर रात होने पर सतपूतिया या झिंगनी नाम की सब्जी खाई जाती है। जितिया व्रत में इस भोजन को करने पर बहुत ही शुभ होता है। व्रत के एक दिन पहले छत या खुली जगहों पर कुछ खाना रख दिया जाता है। जिउतिया व्रत के दूसरे दिन को खुर जितिया कहा जाता है और जब तक व्रत समाप्त नहीं होता महिलाएं पानी ग्रहण नहीं करती। पारण कर ही अपना व्रत तोड़ती है।
जिउतिया शुभ मुहूर्त
अष्टमी तिथि : 2 अक्टूबर 2018 सुबह 4 बजकर 9 मिनट से
अष्टमी तिथि: 3 अक्टूबर 2018 सुबह 2 बजकर 17 मिनट तक