हिंदू संस्कृति में होलिका दहन के बाद ही 'होली मिलन समारोह' करने की परंपरा रही है लेकिन आजकल देखा जा रहा है कि कुछ लोग होलिका दहन के पहले ही होली मिलन समारोह मनाते हैं जो कि गलत है। कॉरपोरेट कल्चर के चलते ये चलन और बढ़ गया है।
ऑफिसों में भी लोग होली की छुट्टियों से पहले ही होली मिलन समारोह कर लेते हैं। हिंदू परंपरा के मुताबिक ऐसा करना ठीक नहीं है।
होली दहन से पहले व होली दहन तक केवल तंत्र-मंत्र व पूजा वाले कर्म कांड की ही परंपरा रही है औैर होली दहन के बाद रंगों के माध्यम से धुलेंडी को मानने की। इसलिए आजकल होली दहन से पहले होने वाले "होली मिलन समारोह" हिंदू धर्म की परंपराओं के अनुरूप नहीं हैं। इस तरह के "होली मिलन समारोह"होलिका दहन के बाद ही मनाना चाहिए।