Teej Vrat Ke Niyam in Hindi: करवा चौथ की तरह ही हरतालिका तीज का त्योहार भी महिलाओं के लिए आपसी प्रेम, विश्वास और आस्था का अनोखा उत्सव है। अखंड-सुखद दांपत्य की कामना का यह पर्व भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है, जिसे विशेष रूप से पति की लंबी उम्र और समृद्धि के लिए रखा जाता है। इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है। इस पावन अवसर पर कुछ विशेष कार्य करने और कुछ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। आइए जानते हैं कि हरितालिका तीज के दिन क्या करें और क्या ना करें।
क्या करें
- स्नान और पवित्रता का पालन करें
हरितालिका तीज के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना और पवित्र वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। स्नान के बाद, व्रती (व्रत रखने वाली) को मन में शुद्ध विचारों का संकल्प लेना चाहिए और भगवान शिव तथा माता पार्वती की पूजा के लिए तैयार होना चाहिए।
पूजा के लिए मिट्टी से बने शिवलिंग, माता पार्वती और भगवान गणेश की मूर्तियों का निर्माण करें या उन्हें किसी विद्वान ब्राह्मण से प्राप्त करें। इन्हें पूजा स्थल पर स्थापित करें और गंगाजल से स्नान कराकर विधिवत पूजा करें।
विवाहित महिलाएं इस दिन सोलह श्रृंगार करके अपने पति की लंबी उम्र और समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं। सोलह श्रृंगार का पालन करने से सौभाग्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
- पूजा में पूरी श्रद्धा और भक्ति रखें
हरितालिका तीज के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा में पूरी श्रद्धा और भक्ति का भाव रखना चाहिए। पूजा के दौरान शिवलिंग का अभिषेक दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से करना चाहिए।
हरितालिका तीज की पूजा के बाद हरितालिका तीज व्रत की कथा का श्रवण करना अति आवश्यक है। कथा के माध्यम से माता पार्वती और भगवान शिव के विवाह की पवित्र कथा सुनाई जाती है, जो इस व्रत का मूल कारण है।