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Hartalika Teej Fast Rule: हरतालिका तीज पर अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए क्या करें और क्या ना करें

Thu, 05 Sep 2024 07:28 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Hartalika Teej Fast Rule: भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरतालिका तीज का त्योहार मनाया जाता है। विशेष रूप से पति की लंबी उम्र और समृद्धि के लिए यह व्रत रखा जाता है। इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है।
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हरतालिका तीज 2024 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Teej Vrat Ke Niyam in Hindi: करवा चौथ की तरह ही हरतालिका तीज का त्योहार भी महिलाओं के लिए आपसी प्रेम, विश्वास और आस्था का अनोखा उत्सव है। अखंड-सुखद दांपत्य की कामना का यह पर्व भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है, जिसे विशेष रूप से पति की लंबी उम्र और समृद्धि के लिए रखा जाता है। इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है। इस पावन अवसर पर कुछ विशेष कार्य करने और कुछ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। आइए जानते हैं कि हरितालिका तीज के दिन क्या करें और क्या ना करें।

क्या करें

  • स्नान और पवित्रता का पालन करें
हरितालिका तीज के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना और पवित्र वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। स्नान के बाद, व्रती (व्रत रखने वाली) को मन में शुद्ध विचारों का संकल्प लेना चाहिए और भगवान शिव तथा माता पार्वती की पूजा के लिए तैयार होना चाहिए।
  • पूजा की तैयारी करें
पूजा के लिए मिट्टी से बने शिवलिंग, माता पार्वती और भगवान गणेश की मूर्तियों का निर्माण करें या उन्हें किसी विद्वान ब्राह्मण से प्राप्त करें। इन्हें पूजा स्थल पर स्थापित करें और गंगाजल से स्नान कराकर विधिवत पूजा करें।
  • सोलह श्रृंगार करें
विवाहित महिलाएं इस दिन सोलह श्रृंगार करके अपने पति की लंबी उम्र और समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं। सोलह श्रृंगार का पालन करने से सौभाग्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
  • पूजा में पूरी श्रद्धा और भक्ति रखें
हरितालिका तीज के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा में पूरी श्रद्धा और भक्ति का भाव रखना चाहिए। पूजा के दौरान शिवलिंग का अभिषेक दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से करना चाहिए।
  • कथा का श्रवण करें
हरितालिका तीज की पूजा के बाद हरितालिका तीज व्रत की कथा का श्रवण करना अति आवश्यक है। कथा के माध्यम से माता पार्वती और भगवान शिव के विवाह की पवित्र कथा सुनाई जाती है, जो इस व्रत का मूल कारण है।

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क्या ना करें

  • व्रत के दौरान जल का सेवन ना करें
हरितालिका तीज का व्रत निर्जला व्रत होता है, इसलिए इस दिन जल का सेवन नहीं करना चाहिए। यह व्रत कठिन माना जाता है और इसे पूरे समर्पण और नियम के साथ पालन करना चाहिए।
  • नकारात्मक विचारों से दूर रहें
व्रत के दौरान किसी भी प्रकार के नकारात्मक विचारों, क्रोध, ईर्ष्या और द्वेष से दूर रहना चाहिए। मन को शुद्ध और पवित्र रखने का प्रयास करें और दूसरों के प्रति सद्भावना बनाए रखें।
  • दिन में सोने से बचें
हरितालिका तीज के दिन व्रती को दिन में सोने से बचना चाहिए। दिन में सोने से व्रत का फल कम हो जाता है, इसलिए इस दिन जागरण और भजन-कीर्तन में व्यस्त रहना चाहिए।
  • किसी भी प्रकार का झूठ ना बोलें
इस दिन झूठ बोलने, छल-कपट करने या किसी भी प्रकार का अनैतिक कार्य करने से बचना चाहिए। यह दिन पूर्णतः सत्य और धर्म के पालन के लिए होता है इसलिए अपने आचरण में पूर्णता और शुद्धता का पालन करें।
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