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19 अप्रैल को मनाई जाएगी हनुमान जयंती, जानिए पूजा विधि

Wed, 10 Apr 2019 01:35 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
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हनुमान जयंती 2019
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पवनपुत्र भगवान हनुमान का जन्मोत्सव 19 अप्रैल, चैत्र माह की पूर्णिमा की तिथि पर मनाई जाएगी। हनुमान जयंती पर जो भक्त विधिवत और श्रद्धापूर्वक पूजा-पाठ करता है उसकी हर मनोकामना पूरी होती है। ऐसी मान्यता है कि बड़े से बड़ा कष्ट भी मात्र मिनटों में दूर हो जाता है अगर हनुमानजी का नाम भक्तिभाव से लिया जाए। राम भक्त हनुमान भगवान शिव के 11वें रुद्रावतार की विधिवत उपासना करने से सभी तरह की बाधाओं का नाश होता है।  

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हनुमान जी आज भी पृथ्वी पर मौजूद

शास्त्रों में जिन सात चिरंजीवियों का जिक्र आता है उनमें अश्वत्थामा, बलि, व्यास, हनुमान, विभीषण, कृपाचार्य और भगवान परशुराम हैं। माना जाता है कि ये अमर आत्माएं हैं, जो आज भी पृथ्वी पर हमारे बीच मौजूद हैं। 

कलयुग में इन सात चिरंजीवियों में हनुमान जी की साधना सबसे अधिक की जाती है। देश का शायद ही ऐसा कोई कोना हो जहां पर श्री हनुमान जी की पूजा न की जाती हो।  सभी देवतओं में श्री हनुमान जी जल्दी प्रसन्न होने वाले देवता जो हैं। जिनका महज नाम लेते बड़े से बड़े संकट टल जाते हैं, बड़ी से बड़ी परेशानियां दूर हो जाती हैं। 
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हनुमान जयंती पूजा विधि
हनुमत साधना से किसी भी प्रकार के अनिष्ट ग्रहों के प्रकोप से मुक्ति मिल जाती है। हनुमान जी की शरण में आने वाले साधक का शनि बाल भी बांका नहीं कर पाता। ऐसे में हनुमान जयंती के दिन बजरंग बली की साधना करने से तमाम तरह के रोग, भय और संकट दूर होते हैं। तथा श्री हनुमान जी की कृपा से आने वाले पूरे साल सुख और समृद्धि की प्राप्ति होगी।

हनुमान जी को चमेली का तेल और सिंदूर बेहद प्रिय है, इसलिए हनुमान जयंती के दिन पवनसुत हनुमान जी को चमेली का तेल और सिंदूर चढ़ाना कभी न भूलें।

यदि आप लंबे समय से किसी परेशानी से घिरे हुए हैं और दुखों ने आपको घेर रखा है तो आप हनुमान जयंती के दिन स्नान-ध्यान के पश्चात् स्वच्छ कपड़े धारण करके किसी मंदिर में या घर पर बजरंग बली की मूर्ति या चित्र के सामने सिंदूरी चोला चढ़ाएं।

अगर आपके काम में लगातार बाधाएं आ रही हैं और तमाम कोशिशों के बावजूद काम नहीं बन रहा है, तो हनुमान जयंती के दिन श्री बजरंगबली को इत्र और गुलाब की माला चढ़ाएं।

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