हजरत अली जयंती 2021: हजरत अली शिया मुसलमानों के पहले इमाम माने जाते हैं। वे इस्लाम के धर्म के संस्थापक पैगम्बर मोहम्मद साहब के दामाद और चचेरे भाई थे। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार रज्जब माह की 13 तारीख 601 ई में हजरत अली का जन्म मक्का में हुआ था। उनके पिता का नाम अबु तालिब और माता का नाम फातिमा बिंत असद था। उनके बचपन का नाम इब्न-ए-अबी तालिब था।
लोगों को दिया था अमन और शांति का पैगाम
हजरत अली के जन्मदिवस को मुस्लिम समुदाय के लोग बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं। आज के दिन सभी मुसलमान एक-दूसरे हजरत अली के जन्मदिन की बधाई देते हैं और उनके द्वारा दिए गए संदेशों को याद करते हैं। वे लोगों को शांति और अमन का पैगाम दिया करते थे।
सुबह की नमाज अदा करते वक्त हुई थी हत्या
हजरत अली ने लोगों को दुश्मनों से भी प्रेम करने का संदेश दिया। उनका मनाना था जो आज तुम्हारा दुश्मन है वह एक न एक दिन दोस्त जरूर बन जाएगा इसलिए किसी से भी भेदभाव और मनमुटाव नहीं ना रखें। उनका मनाना था कि इस्लाम इंसानियत का धर्म है। लेकिन 660 ई में रमजान माह की 21वीं तारीख को कूफे की मस्जिद में सुबह की नमाज पढ़ते समय उनकी हत्या कर दी गई थी।
हजरत अली के व्यक्तित्व से सीखें ये पांच बातें -