चरण वंदना करें
आप जिसे भी अपना गुरु मानते हैं गुरु पूर्णिमा के दिन उनके प्रति सम्मान जरूर व्यक्त करें। ऐसा इसलिए करना चाहिए क्योंकि उनके ज्ञान के प्रकाश से आपके जीवन का अंधकार दूर होता है। इस दिन गुरु के चरणों को धोकर आशीर्वाद लेना चाहिए और चरण वंदना करनी चाहिए। अगर आपके गुरु आपके पास नहीं हैं तो अपने गुरु की तस्वीर को फूल की माला अर्पित करें और उन्हें तिलक लगाएं, साथ ही दीप जलाकर उनपर फूल, चंदन, अक्षत अर्पित करें।
गुरु को भेंट जरूर दें
गुरु पूर्णिमा के दिन दान-पुण्य करना बहुत ही शुभ माना जाता है। गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र या दान-दक्षिणा दें। आप चाहें तो विद्यालयों या गौशालाओं में दान कर सकते हैं। अगर गुरु पूर्णिमा के दिन आपकी मुलाकात गुरु से हो तो उन्हें भेंट जरूर दें।
माता पिता के चरण स्पर्श करें
हिंदू धर्म में माता-पिता को मनुष्य का प्रथम गुरु माना गया है। इसलिए गुरु पूर्णिमा के दिन माता पिता को एक स्थान पर बैठाकर उनकी प्रदक्षिणा यानी परिक्रमा करें और उनके चरण स्पर्श करके उनका आशीर्वाद जरूर लें। अगर संभव होतो तो माता पिता को उनके इस्तेमाल में आने वाली चीजें उन्हें गिफ्ट में दे सकते हैं, जिससे उनकी अंतरआत्मा खुश होगी और आपको भर-भर के आशीर्वाद देगी।
ये भी पढ़ें-
Guru Purnima 2024: आखिर क्यों मनाई जाती है गुरु पूर्णिमा? जानिए क्या है इसका महत्व
पीले रंग का वस्त्र
गुरु पूर्णिमा के दिन पूजा करते समय पीले रंग का वस्त्र धारण करें। पीला रंग गुरु ग्रह का रंग है और इसे ज्ञान, शिक्षा और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। साथ ही शुभ मूहुर्त में ही पूजा करें।
ये भी पढ़ें-
Guru Purnima 2024: गुरु पूर्णिमा कब है, जानें तिथि, मुहूर्त और महत्व
केले का वृक्ष लगाएं
गुरु पूर्णिमा के दिन केले का वृक्ष लगाएं या उसकी पूजा करें। केले का वृक्ष गुरु ग्रह का प्रिय वृक्ष माना जाता है और इसकी पूजा करने से गुरु की कृपा प्राप्त होती है। साथ ही इस दिन सत्यनारायण की कथा जरूर सुनें।
गुरु मंत्रों का जाप
गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु मंत्रों का जाप करें। कुछ प्रसिद्ध गुरु मंत्र हैं: "गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वरः गुरुर्देवः सच्चिदानंदो भूगुरुर्देवो नमः।"
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस लेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।