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Gupt Navratri Ashada 2021: आषाढ़ माह में कब है गुप्त नवरात्रि पर्व, जानें तिथि और महत्व

Fri, 25 Jun 2021 06:45 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

चैत्र और शारदीय नवरात्रि में जहां नौ देवियों की विशेष पूजा का प्रावधान है, वहीं गुप्त नवरात्रि में 10 महाविद्या की साधना की जाती है। गुप्त नवरात्रि में पूजी जाने वाली 10 महाविद्याओं में मां काली, मां तारा देवी, मां त्रिपुर सुंदरी, मां भुवनेश्वरी, मां छिन्नमस्ता, मां त्रिपुर भैरवी, मां धूमावती, मां बगलामुखी, मां मातंगी और मां कमला देवी हैं। 
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आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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Gupt Navratri Ashada 2021: हिन्दू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से गुप्त नवरात्रि पर्व शुरू होंगे, यह शुभ तिथि 11 जुलाई को पड़ेगी। यानी आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 11 जुलाई 2021 से प्रारंभ हो रही है जिसका समापन 18 जुलाई 2021 को होगा। हिंदू धर्म में नवरात्रि पर्व प्रमुख पर्वों में से एक माना जाता है। इस पर्व में मां शक्ति की आराधना विधि-विधान से की जाती है। एक वर्ष में कुल मिलाकर चार नवरात्रि आती हैं। जिसमें से दो गुप्त नवरात्रि के अलावा चैत्र और शारदीय नवरात्रि शामिल हैं। पहली गुप्त नवरात्रि माघ के महीने में आती है और दूसरी गुप्त नवरात्रि आषाढ़ माह में मनायी जाती है। गुप्त नवरात्रि आम नवरात्रि से भिन्न होती है। दरअसल इसमें तांत्रिक सिद्धियों को प्राप्त करने के लिए मां भगवती देवी की आराधना की जाती है। इस पर्व में दस महाविद्याओं की साधना करने का विधान है। आइए जानते हैं गुप्त नवरात्रि से जुड़ी कुछ जानकरियां...

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गुप्त नवरात्रि 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
9 देवियों की जगह 10 देवियों की होती है पूजा
चैत्र और शारदीय नवरात्रि में जहां नौ देवियों की विशेष पूजा का प्रावधान है, वहीं गुप्त नवरात्रि में 10 महाविद्या की साधना की जाती है। गुप्त नवरात्रि में पूजी जाने वाली 10 महाविद्याओं में मां काली, मां तारा देवी, मां त्रिपुर सुंदरी, मां भुवनेश्वरी, मां छिन्नमस्ता, मां त्रिपुर भैरवी, मां धूमावती, मां बगलामुखी, मां मातंगी और मां कमला देवी हैं। 

gupt navratra 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
गुप्त रूप से होती है देवी की पूजा
तांत्रिकों के लिए गुप्त नवरात्रि का महत्व बहुत अधिक होता है। इसमें गुप्त रूप से देवी मां की पूजा की जाती है। आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि में देवी की पूजा तंत्र-मंत्र के लिए की जाती है। देवी मां के हवन, पूजन आदि कर्म गुप्त रूप से रात के समय होती है इसलिए इसे गुप्त नवरात्रि कहते हैं।
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gupt navratra 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
तंत्र मंत्र से होती है मां भगवती की पूजा
इस नवरात्रि में तंत्र और मंत्र दोनों के माध्यम से भगवती की पूजा की जाती है। नाम के अनुसार इस गुप्त नवरात्र में की जाने वाली शक्ति की साधना के बारे में जहां कम लोगों को ही जानकारी होती है, वहीं इससे जुड़ी साधना-आराधना को भी लोगों से गुप्त रखा जाता है। मान्यता है कि साधक जितनी गुप्त रूप से देवी की साधना करता है, उस पर भगवती की उतनी ही कृपा बरसती है। 
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