फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ganga Saptami 2019 : गंगा स्नान के समय जरूर जपें पापों से मुक्ति और पुण्य दिलाने वाला दिव्य मंत्र

Sat, 11 May 2019 07:28 AM IST
Madhukar Mishra धर्म डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
Ganga Saptami 2019
वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। इस पावन दिन गंगा स्नान और दान का विशेष महत्व है। गंगा में स्नान करने जाने से पहले मां गंगा को प्रणाम करना चाहिए। हमें हमेशा जल धारा या सूर्य की ओर मुंह करके ही स्नान करना चाहिए। गंगा में जब भी डुबकी लगाएं तो इन तीन डुबकियों को लगाना कभी न भूलें। एक डुबकी देवी—देवताओं के नाम से, एक अपने पुरखों के नाम से और एक अपने परिवार के नाम से जरूर लगाएं। 
विज्ञापन

2 of 5
Ganga Saptami 2019
पृथ्वी पर तमाम तीर्थों में नदी तीर्थ का अपना विशेष स्थान है। हमारे यहां नदियों को माता के रूप में माना गया है। एक पावन तिथि पर एक विशेष घड़ी में इन नदियों में स्नान का विशेष महत्व बताया गया है। ऐसे में गंगा सप्तमी अर्थात् मां गंगा के अवतरण वाले दिन गंगा जी में स्नान करते समय इस मंत्र का जाप आपकी सभी मनोकामना को पूर्ण करता हुआ मोक्ष प्रदान करता है — 

गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती।
नर्मदे सिन्धु कावेरी जले अस्मिन् सन्निधिम् कुरु।।
विज्ञापन

3 of 5
Ganga Saptami 2019
किसी भी पवित्र नदी में स्नान करते समय इस दिव्य मंत्र का जाप साधक को सभी तरह के कार्यों में सफलता प्रदान करता है। चूंकि गंगा सप्तमी के दिन ही मां गंगा पृथ्वी पर आईं थी, इसलिए इस पावन तिथि पर मोक्ष की कामना लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु देश के तमाम प्रसिद्ध गंगा घाटों पर जाकर आस्था की डुबकी लगाते हैं। मान्यता है कि इस शुभ तिथि पर इस पावन नदी में डुबकी लगाने वाले को पतित पावनी मां गंगा सभी पापों से मुक्त करते हुए अक्षय पुण्य प्रदान करती हैं।

4 of 5
Ganga Saptami 2019
गंगा का मंत्र

गंगा सप्तमी के दिन मां गंगा की कृपा और पापों से मुक्ति पाने के लिए इस विशेष मंत्र का पाठ अवश्य करें। श्रद्धा एवं भक्ति के साथ इस मंत्र का जाप पापों से मुक्त करता हुआ जीवन को मंगलमय बनाता है। 

“गंगागंगेति योब्रूयाद् योजनानां शतैरपि ।
मुच्यते सर्व पापेभ्यो विष्णुलोकं सगच्छति। तीर्थराजाय नमः”
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
Ganga Saptami 2019
मात्र दर्शन से भी मिलता है मोक्ष

तन और मन को पवित्र करने वाली मां गंगा नदी में स्नान का तो विशेष फल मिलता ही है, महज दर्शन से ही साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। इसीलिए पुण्यसलिला मां गंगा को लेकर कहा भी गया है — 

गंगे तव दर्शनात् मुक्ति।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें