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विजयादशमी 2026: 20 अक्तूबर को दशहरा, जानिए कब है रावण दहन का मुहूर्त और शस्त्र पूजा का समय

Sun, 18 Oct 2026 02:56 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय के रूप में मनाया जाने वाला त्योहार होता है। आइए जानते हैं इस दिन रावण दहन का शुभ मुहूर्त।
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दशहरा 2026 : रावण दहन मुहूर्त - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिंदू धर्म में दशहरा पर्व जिसे विजयादशमी के रूप में मनाया जाता है, यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, विजयादशमी का पर्व हर वर्ष आश्निन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को बड़े ही जोश, उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान राम ने लंकाधिपति दशानन रावण का वध किया था और अर्धम पर धर्म की विजय प्राप्त करते हुए धर्म की स्थापना की थी। इसके अलावा इस दिन नवरात्रि पर मां दुर्गा ने दशमी तिथि पर महिषासुर का वध किया था जिसे विजयदशमी के रूप में मनाया जाता है। आइए जानते हैं दशहरा पर विजया मुहुर्त और महत्व। 
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दशहरा तिथि 2026 
पंचांग गणना के अनुसार, दशमी तिथि 20 अक्तूबर 2026 को दोपहर 12 बजकर 51 मिनट पर शुरू होगी और समापन 21 अक्तूबर को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट पर होगा। ऐसे में उदयातिथि के आधार पर पूरे देशभर में दशहरा 20 अक्तूबर 2026 को मनाया जाएगा। 

विजयादशमी पर शस्त्र पूजन का समय 
विजयादशमी पर शस्त्र पूजन का विशेष महत्व होता है। पंचांग के अनुसार, विजयादशमी पर शस्त्र पूजा के लिए मुहूर्त 20 अक्तूबर को दोपहर 01 बजकर 59 मिनट से लेकर दोपहर 02 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। इस अवधि के दौरान शस्त्र पूजा कर सकते हैं। इसके अलावा इस दिन अपराजिता और शमी के पेड़ की पूजा करना बहुत ही शुभ और फलदायी माना जाता है। 
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- विजय मुहूर्त: दोपहर 01 बजकर 59 मिनट से लेकर दोपहर 2 बजकर 45 मिनट तक।
- अपराह्र पूजा का मुहूर्त- दोपहर 01 बजकर 14 मिनट से शाम 3 बजकर 30 मिनट तक। 

दशहरा पर रावण दहन का शुभ मुहूर्त
शास्त्रों के अनुसार, दशहरे पर रावण दहन सूर्यास्त के बाद यानी प्रदोष काल में करना बहुत ही शुभ माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार 20 अक्तूबर को शाम 5 बजकर 47 मिनट पर प्रदोष काल शुरू होगा, जिसके बाद रावण दहन किया जाएगा। वहीं निशिता मुहूर्त का समय 20 अक्तूबर को रात 11 बजकर 41 मिनट से लेकर 21 अक्तूबर की रात 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। 

दशहरा का धार्मिक महत्व 
दशहरा का पर्व अर्धम पर धर्म की जीत के रूप में मनाए जाने का महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन ही भगवान राम ने रावण का वध करके बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया था। इस दिन देशभर रावण और भगवान राम के बीच हुए युद्ध का मंचन किया जाता है। अंत में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाता है। वहीं विजयादशमी पर नवरात्रि का समापन होता है, जिसमें मां दुर्गा महिषासुर का वध करती हैं। इस दिन नौ दिनों तक चलने वाले नवरात्रि का समापन होता है और व्रत का पारण करते हैं। 

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
 
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