हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजयदशमी यानी दशहरा देशभर में मनाया जाता है। इस बार दशहरा 19 अक्टूबर को है। दशहरा यानी विजयादशमी का पर्व असत्य पर सत्य की जीत के रूप में मनाया जाता है। भगवान राम ने लंका नरेश रावण से लंबा युद्ध किया था और युद्ध के 10वें दिन रावण का वध करके विजय हासिल की थी। इसी की खुशी में यह त्योहार मनाया जाता है।
ऐसा भी कहा जाता है विजयदशमी का पर्व दुर्गा पूजा और नवरात्रि की समाप्ति का प्रतीक है। इसके अलावा दशहरे के दिन अस्त्र शस्त्र की भी पूजा होती है। दशहरे के साथ ही दीपावली की तैयारी शुरू हो जाती है। दशहरे के दिन शुभ मुहूर्त में की गई पूजा से शुभ परिणाम की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं 19 अक्टूबर को होने वाले दशहरे की पूजा का शुभ मुहूर्त
विजयादशमी शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार दशमी की तिथि 18 अक्टूबर को 3 बजकर 28 मिनट से लग जाएगी। वहीं दशमी तिथि की समाप्ति 19 अक्टूबर को 5 बजकर 57 मिनट को होगी। विजयादशमी पर विजय मुहूर्त का समय 1 बजकर 58 से 2 बजकर 43 तक रहेगा। इस शुभ मुहूर्त में खरीददारी करना शुभ माना जाता है। ऐसे मान्यता है कि अगर दशहरे के दिन नीलकंठ के दर्शन हो जाय तो यह बहुत शुभ होता है। विजयादशमी की संध्या बेला का समय विजयकाल कहलाता है। इस दिन अपराजिता पूजा और शमी पूजन विशेष रूप से किया जाता है। इसी काल में हाथी, घोड़े, अस्त्र और शस्त्र की पूजा की जाती है।