धनतेरस से आरंभ होने के बाद, छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी, दिवाली (लक्ष्मी पूजन का दिन), गोवर्धन पूजा और भाई दूज (यम द्वितीया) का पर्व मनाने के साथ इस पंचदिवसीय त्योहार का समापन होता है। यहां जानिए इन सब त्योहारों की तिथि और शुभ मुहूर्त।
प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को दिवाली का त्योहार मनाया जाता है, लेकिन इसका आरंभ धनतेरस के दिन से ही हो जाता है। धनतेरस से आरंभ होने के बाद, छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी, दिवाली (लक्ष्मी पूजन का दिन), गोवर्धन पूजा और भाई दूज (यम द्वितीया) का पर्व मनाने के साथ इस पंचदिवसीय त्योहार का समापन होता है। हिंदू धर्म में इन सभी त्योहारों का विशेष महत्व माना जाता है। इन पांच दिनों तक हर तरफ हर्षोल्लास और खुशी की लहर देखने को मिलती है। जहां धनतेरस और दिवाली सुख-समृद्धि प्रदान करने वाले पर्व हैं तो वहीं गोवर्धन पूजा पर अन्नकूट का विशेष महत्व होता है। इसी के साथ भाई दूज का पर्व बहन के प्रति भाई का और भाई के प्रति बहन के प्रेम को दर्शाता है। तो चलिए जानते हैं कि इस बार कौन सा त्योहार किस तिथि पर है और क्या हैं इनके शुभ मुहूर्त।
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धनतेरस 2021 महत्व, तिथि, पूजन का शुभ मुहूर्त
धनतेरस महत्व, तिथि, पूजन का शुभ मुहूर्त
दिवाली के पंचदिवसीय पर्व में सबसे पहला पर्व धनतेरस मनाया जाता है। इस दिन भगवान धनवंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर देव के पूजन का विधान है। धार्मिक कथाओं के अनुसार, इस दिन भगवान धनवंतरि समुद्र के कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए इस दिन बर्तन की खरीदारी भी करने की परंपरा है। मान्यता है कि धनतेरस पर खरीदी गई चीजों में तेरह गुणा वृद्धि होती है इसलिए लोग इस दिन सोने-चांदी की बनी चीजों को भी खरीदते हैं। धनतेरस 2021 तिथि और शुभ मुहूर्त हिंदू पंचांग के अनुसार धनतेरस का त्योहार कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। इस बार धनतेरस का त्योहार 02 नवंबर दिन मंगलवार को मनाया जाएगा।
धनतेरस- 02 नवंबर 2021 दिन मंगलवार
धनतेरस खरीदारी मुहूर्त- शाम 06 बजकर 18 मिनट से लेकर रात के 08 बजकर 11 मिनट तक
धनतेरस पर शुभ खरीदारी की अवधि :1 घंटे 52 मिनट तक
प्रदोष काल: 17:35 मिनट से 20:11 मिनट तक
वृषभ काल: 18:18 मिनट से 20:14: मिनट तक
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दिवाली 2021 नरक चतुर्दशी महत्व, तिथि और शुभमुहूर्त
नरक चतुर्दशी महत्व, तिथि और शुभमुहूर्त-
धनतेरस के अगले दिन और लक्ष्मी पूजन यानी दिवाली से एक दिन पहले नरक चतुर्दशी या छोटी दिवाली मनाई जाती है। इसे रूप चौदस के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन लोग दक्षिण दिशा में यम के निमित्त दीपक प्रज्लित करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो लोग इस दिन यम के नाम का दिया जलाते हैं उन्हें अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता है। इसी के साथ इस दिन शरीर पर तेल से मालिश या उबटन करके स्नान भी किया जाता है।
नरक चतुर्दशी 2021
चतुर्दशी तिथि आरंभ- नवंबर 03, 2021 को 09:02 मिनट से
चतुर्दशी तिथि समाप्त - नवंबर 04, 2021 को 06:03 मिनट पर
तेल मालिश का समय (अभ्यंग स्नान) :सुबह 06:06:05 से 06:34:57 तक
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दिवाली 2021 तिथि शुभ मुहूर्त
- फोटो : istock
दिवाली महत्व, लक्ष्मी पूजन तिथि व शुभ मुहूर्त
हर साल कार्तिक मास की अमावस्या को दिवाली का त्योहार मनाया जाता है। इस बार दिवाली का त्योहार 04 नवंबर 2021 दिन गुरुवार को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दिवाली की रात्रि में धन-वैभव की देवी मां लक्ष्मी पृथ्वी लोक पर भ्रमण करती हैं और अपने भक्तों के घर पधारती हैं, इसलिए दिवाली की रात में मां लक्ष्मी का पूजन करके सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।
दिवाली और लक्ष्मी पूजा तिथि- गुरुवार, 04 नवंबर 2021
दिवाली लक्ष्मी पूजा शुभ मुहूर्त 2021: 18:10:28 से 20:06:18 तक
पूजन अवधि: 1 घंटे 55 मिनट
प्रदोष काल:17:34:09 से 20:10:27 तक
वृषभ काल: 18:10:28 से 20:06:18 तक
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गोवर्धन पूजा
- फोटो : अमर उजाला
गोवर्धन पूजा महत्व, तिथि और शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार,कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि यानी दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजन किया जाता है। इस बार गोवर्धन पूजा 05 नवंबर 2021 दिन शुक्रवार को गोवर्धन पूजन किया जाएगा। इस दिन लोग अपने घरों में गिरिराज गोवर्धन और भगवान कृष्ण का पूजन करते हैं। इस दिन गाय के गोबर से प्रतीक स्वरूप गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाई जाती है और फिर अन्न, खील, लावा, मिष्ठान आदि से भोग लगाया जाता है।
प्रतिपदा तिथि आरंभ- नवंबर 05, 2021 को 02:44 मिनट से
प्रतिपदा तिथि समाप्त- नवंबर 05, 2021 को 23:14 मिनट पर
गोवर्धन पूजा प्रातःकाल मुहूर्त- 06:35 मिनट से 08:47 मिनट तक
अवधि - 02 घण्टे 11 मिनट्स
गोवर्धन पूजा सायाह्नकाल मुहूर्त - 15:21 मिनट से से 17:33 मिनट तक
अवधि - 02 घण्टे 11 मिनट्स
भाई दूज पर भाई को तिलक करती बहन।
- फोटो : अमर उजाला
भाई दूज महत्व, तिथि व शुभ मुहूर्त-
भाई दूज का त्योहार भाई बहन के मजबूत रिश्तें को दर्शाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, भाई दूज का त्योहार कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इस बार भाई दूज का त्योहार 06 नवंबर 2021 दिन शनिवार को मनाया जाएगा। इस दिन को यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, इस दिन यमराज अपनी बहन यमुना के घर गए थे और उनके आतिथ्य से प्रसन्न होकर वरदान दिया था कि जो भाई इस दिन अपनी बहन का आतिथ्य स्वीकार करेगा उसको काल का भय नहीं रहेगा। इस दिन बहने भाई का तिलक करते समय उसकी दीर्घायु की कामना करती हैं।
भाई दूज तिथि- 06 नवंबर 2021 दिन शनिवार
द्वितीया तिथि आरंभ - नवंबर 05, 2021 को 23:14 मिनट से
द्वितीया तिथि समाप्त - नवंबर 06, 2021 को 19:44 मिनट पर