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Diwali 2020: दिवाली से पहले क्यों मनाई जाती है छोटी दिवाली, जानिए वजह

Sat, 07 Nov 2020 08:46 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
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दिवाली 2020: दिवाली से एक दिन पहले मनाई जाती है छोटी दिवाली - फोटो : अमर उजाला
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Choti Diwali 2020: दिवाली से एक दिन पहले छोटी दिवाली मनाने का रिवाज है। इस साल छोटी दिवाली 13 नवंबर को मनायी जाएगी। छोटी दिवाली नरक चतुर्दशी के दिन मनायी जाती है। मान्यता के अनुसार, छोटी दिवाली की रात में घरों में बुजुर्ग व्यक्ति द्वारा एक दीपक जलाकर पूरे घर में घुमाया जाता है और उस दीपक को घर से बाहर कहीं दूर रख दिया जाता है। इस दिन घरों में मृत्यु के देवता यम की पूजा का भी विधान है लेकिन क्या आप जानते है कि बड़ी दिवाली से ठीक एक दिन पहले छोटी दिवाली क्यों मनाई जाती है, आइए जानते है कि इसके पीछे की कहानी।

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दिवाली 2020 - फोटो : Pixabay
इसलिए मनायी जाती है छोटी दिवाली
एक बार रति देव नाम के एक राजा थे। उन्होंने अपने जीवन में कभी कोई पाप नहीं किया था, लेकिन एक दिन उनके समक्ष यमदूत आ खड़े हो गए। यमदूत को सामने देख राजा अचंभित हुए और बोले मैंने तो कभी कोई पाप नहीं किया फिर भी क्या मुझे नरक जाना होगा? यह सुनकर यमदूत ने कहा कि हे राजन एक बार आपके द्वार से एक ब्राह्मण भूखा लौट गया था, यह उसी पाप का फल है। 

दिवाली 2020 - फोटो : Pixabay
राजा ने प्रायश्चित के लिए मांगा समय 
यह सुनकर राजा ने प्रायश्चित करने के लिए यमदूत से एक वर्ष का समय मांगा। यमदूतों ने राजा को एक वर्ष का समय दे दिया। राजा ऋषियों के पास पहुंचे और उन्हें सारी कहानी सुनाकर अपनी इस दुविधा से मुक्ति का उपाय पूछा। तब ऋषि ने उन्हें बताया कि कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी का व्रत करें और ब्राह्मणों को भोजन करवाएं। राजा ने ऋषि की आज्ञानुसार वैसा ही किया और पाप मुक्त हो गए। इसके पश्चात उन्हें विष्णु लोक में स्थान प्राप्त हुआ। उस दिन से पाप और नर्क से मुक्ति हेतु कार्तिक चतुर्दशी के दिन व्रत और दीप जलाने का प्रचलन हो गया। 
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दिवाली 2020 - फोटो : Pixabay
भगवान विष्णु का जरूर करें दर्शन
कहते है कि छोटी दिवाली के दिन सूरज उगने से पहले स्नान करने से स्वर्ग की प्राप्ति हो जाती है। स्नान करने के बाद विष्णु मंदिर या कृष्ण मंदिर में भगवान का दर्शन अवश्य करना चाहिए। साथ ही साथ उनके सौंदर्य में भी वृद्धि होती है और अकाल मृत्यु का खतरा भी टल जाता है। शास्त्रों के अनुसार नरक चतुर्दशी कलयुग में जन्मे लोगों के लिए बहुत उपयोगी है इसलिए कलयुगी मनुष्य को इस दिन के नियमों और महत्व को समझना चाहिए। 
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