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Choti Diwali 2024: शुभ योग में छोटी दिवाली कल, सुख-समृद्धि के लिए करें ये पांच उपाय

Tue, 29 Oct 2024 01:24 PM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Choti Diwali 2024: हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को छोटी दिवाली मनाई जाती है। इसे नरक चतुर्दशी भी कहा जाता है।
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Choti Diwali 2024 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Choti Diwali 2024: हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को छोटी दिवाली मनाई जाती है। इसे नरक चतुर्दशी भी कहा जाता है। इस साल 30 अक्तूबर 2024 को नरक चतुर्दशी मनाई जा रही है। मान्यता है कि इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने राक्षस नरकासुर का वध किया था और करीब 16,000 महिलाओं को उसकी कैद से मुक्त कराया था। इसलिए इस दिन भगवान कृष्ण की पूजा का विधान है। भारत में छोटी दिवाली के पर्व को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। हर साल की तरह इस बार भी छोटी दिवाली का पर्व सभी के लिए बेहद खास होने वाला है। इस दिन वैधृति योग का निर्माण हो रहा है। संयोग में कुछ खास उपाय करने से परिवार में सुख-समृद्धि का वास बना रहता है। ऐसे में आइए इन उपायों के बारे में जानते हैं।

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छोटी दिवाली पर करें ये पांच उपाय
  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार छोटी दिवाली के दिन यमराज की पूजा जरूर करनी चाहिए। इस दौरान उनके नाम का दीपक भी जलाएं। मान्यता है कि इससे यम देव की पूजा करने से अकाल मृत्यु का भय भी समाप्त होता है।
  • छोटी दिवाली के दिन भगवान कृष्ण और मां कालिका की आराधना करनी चाहिए। इससे परिवार से सभी नकारात्मकता दूर होती हैं।
  • छोटी दिवाली के दिन तेल से मालिश करें। फिर आप स्नान कर लें। मान्यता है कि चतुर्दशी को तेल में लक्ष्मी जी और सभी जलों में मां गंगा निवास करती हैं। इसलिए तेल मालिश करने से जीवन में सकारात्मकता का संचार होने लगता है।
  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन हनुमान जी की भी विशेष पूजा करनी चाहिए। इससे साधक के बल में वृद्धि और जीवन में खुशियों का वास होता है।
  • छोटी दिवाली के दिन 14 दीपक जलाने की पंरपरा सदियों से चली आ रही है। इस दौरान आप पहला दीया रात में घर से बाहर दक्षिण की ओर मुख कर कूड़े के ढेर के पास रखें। दूसरा आप सुनसान देवालय में रख दें। ध्यान रहें इसे घी से जलाएं। वहीं तीसरे दीये को आप मां लक्ष्मी और चौधा दीया माता तुलसी के समक्ष जलाते हैं। पांचवां दीया घर के दरवाजे के बाहर जलाता है और छठा पीपल के पेड़ के नीचे। इस दौरान आप सातवां दीया किसी मंदिर में जलाए। वहीं आठवां दीया घर में जहां कूड़ा रखा जाता है। नौवां दीया घर के बाथरूम में जलाएं और दसवां दीया घर की छत की मुंडेर पर। ग्यारहवां दीया घर की छत और बारहवां दीया खिड़की के पास जलाएं। तेरहवें दिये को बरामदे में जलाकर रख दें। चौदहवां दीया रसोई में जलाएं।
 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 


 
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