नवरात्रि का आरंभ अश्विनी नक्षत्र में होगा जिसके स्वामी ग्रह केतु और देवता अश्विनी कुमार हैं जो आरोग्य के देवता माने जाते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि माता देश दुनिया में व्याप्त महामारी से परेशान लोगों को राहत दिलाएंगी। ग्रहों के शुभ प्रभाव से इस संदर्भ में कोई चमत्कारी रास्ता भी निकल सकता है। इस बीच गुरु भी मकर राशि से कुंभ में आ चुके होंगे। गुरु का यह परिवर्तन भी कठिन समय से कुछ राहत दिलाने वाला होगा।
ज्योतिषाचार्य पं. मनोज कुमार द्विवेदी के अनुसार अमृत सिद्धि योग विशेष शुभता प्रदान करने वाला और हर कार्य में लाभ देने वाला होगा। इस योग में जो कार्य किए जाते है, उनमें स्थायित्व वाले होते है। इसलिए इस योग में नवरात्र का आरंभ होने से इस बार नवरात्र विशेष शुभ फल प्रदान करने वाला होगा। वहीं सर्वार्थ सिद्धि योग का संबंध लक्ष्मी से होता है। ऐसा माना जाता है कि इस योग में कार्य का आरंभ करने से कार्य की सिद्धि होती है।
हिन्दू नववर्ष का शुभारंभ चैत्र प्रतिपदा से होता है। नव संवत्सर के राजा व मंत्री दोनों मंगल होंगे। चैत्र नवरात्र का शुभारंभ मंगलवार होने के कारण ही मां दुर्गा का आगमन घोड़े पर होगा। उन्होंने बताया कि यह देश के लिए लाभकारी नहीं होगा। इसके कारण देश में भय और युद्ध की स्थिति बन सकती है। वहीं, कंधे पर मां दुर्गा का प्रस्थान करना देश की सुख-समृद्धि का कारक बनेगा।